27 मई 2026 को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ने वर्चुअल माध्यम से अखिल भारतीय स्तर पर ई-कारागार शीघ्र रिहाई प्रसंस्करण मॉड्यूल का शुभारंभ किया। यह पहल देशभर में पात्र बंदियों के दंड में छूट तथा समयपूर्व रिहाई के मामलों पर समयबद्ध, पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-संचालित विचार सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस मॉड्यूल का शुभारंभ माननीय श्री न्यायमूर्ति सूर्यकांत, भारत के मुख्य न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के संरक्षक-प्रमुख द्वारा किया गया। इस अवसर पर माननीय श्री न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष तथा माननीय श्री न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी, न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा वर्तमान ई-कारागार मंच के अंतर्गत विकसित इस मॉड्यूल को दंड में छूट एवं समयपूर्व रिहाई से संबंधित मामलों के निस्तारण में होने वाली देरी को दूर करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह पहल सुरेन्द्र उर्फ सुंडा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (2026 आई.एन.एस.सी 414) मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में विकसित की गई है।
यह डिजिटल प्रणाली पात्रता तिथि से पूर्व ही पात्र बंदियों की स्वतः पहचान, प्रस्तावों की ऑनलाइन शुरुआत एवं प्रसंस्करण, लघु संदेश सेवा तथा व्हाट्सएप के माध्यम से वास्तविक समय की स्थिति संबंधी सूचनाएँ, रंग-आधारित निगरानी तंत्र तथा प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए केंद्रीकृत डैशबोर्ड जैसी सुविधाएँ प्रदान करती है। कार्यप्रवाह के डिजिटलीकरण के माध्यम से यह मॉड्यूल जेल प्रशासन, पुलिस विभाग, विधिक सेवा संस्थानों तथा अन्य हितधारकों के बीच पारदर्शिता, जवाबदेही और समन्वय को सुदृढ़ बनाता है।
इस समाधान का प्रारंभिक परीक्षण केंद्रीय कारागार, आगरा तथा जिला कारागार, लखनऊ में किया गया था। पायलट परियोजना के सफल क्रियान्वयन के पश्चात यह मॉड्यूल अब राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा उनकी संबंधित दंड में छूट एवं समयपूर्व रिहाई नीतियों के अनुरूप अपनाए जाने के लिए तैयार है।
यह पहल सुशासन, बेहतर सेवा प्रदायगी तथा न्यायिक सुधारों को प्रौद्योगिकी के माध्यम से सशक्त बनाने की दिशा में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र की सतत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ई-कारागार शीघ्र रिहाई प्रसंस्करण मॉड्यूल पात्र बंदियों के मामलों पर समय पर विचार सुनिश्चित कर कारागार प्रशासन प्रणाली में पारदर्शिता, दक्षता एवं न्याय तक पहुँच को और सुदृढ़ करेगा।