उच्च कृषि शिक्षा में डिजिटल परिवर्तन को नई गति प्रदान करते हुए छत्तीसगढ़ के माननीय कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय (एम.जी.यू.वी.वी) के एआई-सक्षम डायनेमिक वेब पोर्टल का शुभारंभ किया।
नव विकसित वेब पोर्टल को विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा अन्य हितधारकों को शैक्षणिक सेवाओं एवं सूचनाओं तक निर्बाध पहुंच प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उपयोगकर्ता-अनुकूल एवं संवादात्मक इंटरफेस से युक्त यह पोर्टल चौबीसों घंटे शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करता है। देश की भाषाई विविधता को ध्यान में रखते हुए इसमें बहुभाषी सुविधाएं भी समाहित की गई हैं।
यह पोर्टल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों का एक केंद्रीकृत डिजिटल मंच है, जहां उद्यानिकी एवं वानिकी से संबंधित स्नातक, स्नातकोत्तर तथा शोध कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, संकाय सदस्यों की प्रोफाइल, अनुसंधान उपलब्धियां, पेटेंट, प्रकाशन तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी भी पारदर्शी रूप से प्रदर्शित की गई है। पोर्टल में एकीकृत छात्रवृत्ति प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं तथा अपने आवेदन की स्थिति का वास्तविक समय में अवलोकन कर सकते हैं।
यह पहल विश्वविद्यालय में स्मार्ट शैक्षणिक प्रशासन एवं डिजिटल सुशासन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। केंद्रीकृत डिजिटल मॉड्यूल, स्वचालित शैक्षणिक प्रक्रियाओं तथा ई-गवर्नेंस आधारित सुविधाओं का कार्यान्वयन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) रवि आर. सक्सेना के नेतृत्व में किया गया।
इस परियोजना का सफल क्रियान्वयन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी), रायपुर द्वारा किया गया। पोर्टल का विकास श्री टी. एन. सिंह, उप महानिदेशक एवं राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी, छत्तीसगढ़, तथा श्री पी. रामाराव, वरिष्ठ तकनीकी निदेशक के मार्गदर्शन में किया गया। इस कार्य में श्री अभिजीत कौशिक, संयुक्त निदेशक (आईटी), एनआईसी छत्तीसगढ़ का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।