जिला से जुलाई 2026

उज्जैन, मध्य प्रदेश आईसीटी नवाचारों के माध्यम से डिजिटल सुशासन को नई दिशा

द्वारा संपादित: मोहन दास विश्वम
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एनआईसी उज्जैन ई-ऑफिस, ई-उपार्जन, नेक्स्टजेन ई-हॉस्पिटल तथा पीएम राहत जैसी प्रमुख ई-गवर्नेंस पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से डिजिटल सुशासन को सुदृढ़ बना रहा है। केन्द्र ने 850 से अधिक वीडियो कॉन्फ्रेंस एवं वेबकास्ट का सफल संचालन किया, अनेक महत्वपूर्ण प्रशासनिक, विकासात्मक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजनों को तकनीकी सहयोग प्रदान किया तथा सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के लिए स्वचालित भूमि अधिग्रहण निगरानी एवं अधिसूचना प्रणाली विकसित की। आईसीटी सहायता, क्षमता निर्माण तथा साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से एनआईसी उज्जैन नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बना रहा है।

मालवा क्षेत्र में पवित्र क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित उज्जैन भारत के प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक एवं विरासत स्थलों में से एक है। श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, महाकाल लोक, वेधशाला तथा विश्वविख्यात सिंहस्थ कुम्भ मेले के कारण यह जिला राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान रखता है। ऐतिहासिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से इसका महत्वपूर्ण स्थान है।

जिले की बढ़ती प्रशासनिक एवं विकासात्मक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, एनआईसी उज्जैन सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के माध्यम से सार्वजनिक सेवा वितरण को बेहतर बनाने, प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करने तथा डिजिटल परिवर्तन को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ई-गवर्नेंस परियोजनाओं एवं डिजिटल अवसंरचना के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से केन्द्र जिले में सुशासन को नई दिशा प्रदान कर रहा है।

जिले में आईसीटी पहलें

एनआईसी उज्जैन जिला केन्द्र ने जिले में विभिन्न मिशन मोड ई-गवर्नेंस परियोजनाओं के क्रियान्वयन, निगरानी तथा तकनीकी सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

ई-ऑफिस

जिला केन्द्र ने संभागीय, जिला, अनुविभागीय तथा तहसील स्तर के कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली के क्रियान्वयन एवं संचालन में सहयोग प्रदान किया। इस पहल से कागज-आधारित प्रक्रियाओं में उल्लेखनीय कमी आई है, फाइलों की ट्रैकिंग अधिक प्रभावी हुई है, पारदर्शिता बढ़ी है तथा निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आई है।

ई-उपार्जन

कृषि उपज की खरीद के लिए ई-उपार्जन प्रणाली के सफल संचालन में जिला केन्द्र ने तकनीकी सहयोग एवं समन्वय प्रदान किया। इस प्लेटफॉर्म ने खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित बनाया है, लेन-देन में पारदर्शिता सुनिश्चित की है तथा किसानों को समय पर भुगतान उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

जनगणना 2027 संचालन

एनआईसी उज्जैन ने जनगणना गतिविधियों के लिए जिला आईटी नोडल एजेंसी के रूप में कार्य किया। केन्द्र ने जनगणना संबंधी आईटी गतिविधियों के प्रथम चरण के समन्वय एवं निगरानी की जिम्मेदारी निभाई। मई 2026 में संचालित गृह-सूचीकरण गतिविधियों के दौरान तकनीकी मार्गदर्शन, अवसंरचना सहायता तथा विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया गया, जिससे कार्यों का सुचारु संचालन संभव हुआ।

ujjain ujjain चित्र 7.1 : ई-उपार्जन का चरण-वार प्रवाह

जनआकांक्षा पोर्टल एवं टीएल मॉनिटरिंग

एनआईसी उज्जैन जनआकांक्षा पोर्टल को तकनीकी सहयोग प्रदान करता है, जिसका उपयोग कलेक्टर, उज्जैन द्वारा साप्ताहिक समय-सीमा (टीएल) बैठकों में जन शिकायतों की निगरानी हेतु व्यापक रूप से किया जाता है। यह पोर्टल शिकायतों की स्थिति, विभागीय अनुपालन, लंबित मामलों तथा समयबद्ध निस्तारण की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करता है। जन शिकायतों के समाधान में यह एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक उपकरण के रूप में कार्य कर रहा है, जिससे जवाबदेही एवं सेवा वितरण की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।

एन.डी.ए.एल शस्त्र लाइसेंस प्रणाली

एनआईसी उज्जैन राष्ट्रीय शस्त्र लाइसेंस डेटाबेस (एन.डी.ए.एल) के लिए तकनीकी सहायता एवं सॉफ्टवेयर प्रबंधन सेवाएँ प्रदान करता है। इससे जिले में शस्त्र लाइसेंस संबंधी सेवाओं का डिजिटल प्रसंस्करण एवं कुशल प्रबंधन सुनिश्चित हुआ है।

नेक्स्टजेन ई-हॉस्पिटल

जिला चिकित्सालय, उज्जैन को पुराने ई-हॉस्पिटल प्लेटफॉर्म से उन्नत कर नेक्स्टजेन ई-हॉस्पिटल प्रणाली पर स्थानांतरित किया गया। इस उन्नत प्लेटफॉर्म ने अस्पताल प्रशासन, मरीज पंजीकरण, अपॉइंटमेंट प्रबंधन तथा चिकित्सीय कार्यप्रवाह को अधिक प्रभावी बनाया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

ई-डीएआर के माध्यम से पीएम राहत

जिला प्रशासन एवं एनआईसी के सहयोग से प्रधानमंत्री राहत (सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल उपचार एवं सुनिश्चित सहायता) योजना का सफल क्रियान्वयन किया गया। योजना के प्रभावी संचालन के लिए पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, ताकि ई-डीएआर (इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट) पोर्टल का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके तथा दुर्घटना पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके।

एनआईसी, जिला प्रशासन, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभागों के समन्वित प्रयासों से जिले में ई-डीएआर एवं टीएमएस 2.0 पारिस्थितिकी तंत्र का सफल एकीकरण सुनिश्चित हुआ है। एनआईसी द्वारा निरंतर तकनीकी सहायता एवं वास्तविक समय में प्रदान किए गए मार्गदर्शन के परिणामस्वरूप 68 सड़क दुर्घटना पीड़ित इस योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं।

स्वचालित भूमि अधिग्रहण निगरानी एवं अधिसूचना प्रणाली

सिंहस्थ-2028 के लिए प्रस्तावित व्यापक विकास एवं अवसंरचना परियोजनाओं के समर्थन हेतु एनआईसी उज्जैन स्वचालित भूमि अधिग्रहण अनुभाग निगरानी एवं अधिसूचना प्रणाली विकसित कर रहा है। यह समाधान भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामलों की विभिन्न वैधानिक अवस्थाओं की व्यवस्थित निगरानी करता है तथा अधिग्रहण प्रक्रिया के विभिन्न प्रावधानों एवं समय-सीमाओं पर नजर रखता है।

यह प्रणाली आगामी कार्यवाहियों के लिए स्वचालित सूचनाएँ एवं अनुस्मारक, रियल-टाइम मॉनिटरिंग डैशबोर्ड तथा विलंबित मामलों के लिए एस्केलेशन अलर्ट प्रदान करती है। पारदर्शिता, जवाबदेही एवं विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करते हुए यह प्लेटफॉर्म भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने तथा विकास परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता कर रहा है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एवं वेबकास्टिंग सेवाएँ

एनआईसी उज्जैन शासन, विकासात्मक गतिविधियों, जन-जागरूकता कार्यक्रमों तथा विशेष आयोजनों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, वेबकास्टिंग एवं आईसीटी सहायता सेवाएँ प्रदान कर रहा है।

मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री का गृह जिला होने तथा प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक एवं विकासात्मक गतिविधियों का केन्द्र होने के कारण उज्जैन में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के दौरे एवं उच्च स्तरीय बैठकों का आयोजन नियमित रूप से होता है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के साथ तकनीक-आधारित समन्वय, निगरानी एवं हितधारकों की सहभागिता की आवश्यकता भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है।

गत वर्ष के दौरान एनआईसी उज्जैन ने 850 से अधिक वीडियो कॉन्फ्रेंस एवं वेबकास्ट का सफल संचालन किया, जिससे राज्य सरकार, जिला प्रशासन, क्षेत्रीय कार्यालयों एवं नागरिकों के बीच निर्बाध संवाद एवं समन्वय सुनिश्चित हुआ।

केन्द्र ने राष्ट्रीय खगोल विज्ञान एवं भारतीय ज्ञान परंपरा सम्मेलन, कालिदास समारोह, विक्रम महोत्सव, यूनाइटेड कॉन्शसनेस कॉन्क्लेव, ग्लोबल स्पिरिचुअल टूरिज्म कॉन्क्लेव तथा विभिन्न विरासत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए आईसीटी सहायता उपलब्ध कराई।

एनआईसी उज्जैन ने माननीय मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिवों, संभागायुक्त, कलेक्टर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आयोजित आभासी बैठकों एवं समीक्षा कार्यक्रमों के संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें समाधान ऑनलाइन, कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस, कानून एवं व्यवस्था समीक्षा बैठकें, सिविल डिफेन्स तैयारी बैठकें, निर्वाचन संबंधी समीक्षा बैठकें तथा सिंहस्थ-2028 की योजना एवं निगरानी से जुड़ी बैठकें शामिल थीं।

इसके अतिरिक्त, केन्द्र ने लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह सम्मेलन, संबल योजना, किसान कल्याण योजना अंतर्गत निधि अंतरण कार्यक्रमों, उपार्जन समीक्षा बैठकों तथा विभिन्न अवसंरचना परियोजनाओं के लोकार्पण कार्यक्रमों के लिए तकनीकी सहयोग प्रदान किया।

क्षमता निर्माण एवं डिजिटल सुशासन

एनआईसी उज्जैन विभिन्न विभागों को तकनीकी सहायता प्रदान करते हुए डिजिटल सुशासन को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्यरत है। केन्द्र नियमित रूप से ई-ऑफिस प्रशिक्षण कार्यक्रम, साइबर सुरक्षा जागरूकता सत्र तथा आईसीटी क्षमता निर्माण गतिविधियों का आयोजन करता है, जिससे सरकारी अधिकारियों की डिजिटल दक्षताओं में वृद्धि हो रही है।

इन प्रयासों से ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्मों के उपयोग में वृद्धि हुई है, साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता मजबूत हुई है तथा जिले में सार्वजनिक सेवाओं की दक्षता एवं गुणवत्ता में सुधार आया है।

चित्र 7.2

चित्र 7.2 : ज़िला उज्जैन वेबसाइट का होम पेज

सुरक्षित इंटरनेट दिवस का आयोजन

डिजिटल प्रौद्योगिकियों के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत एनआईसी उज्जैन ने विद्यार्थियों एवं सरकारी हितधारकों के लिए साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।

सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों के लिए आयोजित साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण सत्र में व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा, मजबूत पासवर्ड का उपयोग, द्वि-कारक प्रमाणीकरण, फिशिंग हमलों की पहचान तथा सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क के सुरक्षित उपयोग जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। ये पहलें डिजिटल रूप से जागरूक एवं साइबर-सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

आगे की राह

एनआईसी उज्जैन नवोन्मेषी आईसीटी समाधानों, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों तथा मिशन मोड परियोजनाओं को निर्बाध तकनीकी सहयोग प्रदान करते हुए डिजिटल सुशासन को नई ऊँचाइयों तक ले जा रहा है। सिंहस्थ-2028 एवं अन्य महत्वपूर्ण विकासात्मक पहलों की तैयारियों के बीच केन्द्र तकनीक-संचालित, पारदर्शी, कुशल एवं नागरिक-केंद्रित प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें

एनआईसी उज्जैन जिला केंद्र,

भूतल, कलेक्ट्रेट भवन, सम्राट विक्रमादित्य प्रशासनिक संकुल,

कोठी रोड, उज्जैन, मध्य प्रदेश – 456010

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