एनआईसी चित्तूर, तिरुमला नागरिक सत्यापन एवं निगरानी प्रणाली (टी.सी.वी.एस.एस) तथा फाइल लंबितता निगरानी प्रणाली (एफ.पी.एम.एस ) जैसे नवाचारी समाधानों के माध्यम से डिजिटल सुशासन को सुदृढ़ कर रहा है। साथ ही, यह ई-ऑफिस, आईरैड/ईडार, ई-हॉस्पिटल, आर.टी.आई.एम.आई.एस तथा वेबलैंड जैसी प्रमुख राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय ई-शासन पहलों के कार्यान्वयन में भी सहयोग प्रदान कर रहा है। इन प्रौद्योगिकी-आधारित हस्तक्षेपों ने चित्तूर एवं तिरुपति जिलों में प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता तथा नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया है।
आंध्र प्रदेश के दक्षिणी भाग में स्थित चित्तूर एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं तीर्थस्थल जिला है, जिसकी सीमाएँ तमिलनाडु एवं कर्नाटक से लगती हैं। एनआईसी चित्तूर ई-शासन मंचों के कार्यान्वयन, नवाचारी डिजिटल समाधानों के विकास तथा प्रौद्योगिकी-सक्षम सेवाओं की उपलब्धता के माध्यम से जिला प्रशासन को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) सहायता प्रदान करता है। इसकी विभिन्न पहलों ने चित्तूर एवं तिरुपति जिलों में प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता एवं नागरिक-केंद्रित शासन को सशक्त बनाया है।
जिले में आईसीटी पहलें
तिरुमला नागरिक सत्यापन एवं निगरानी प्रणाली (टी.सी.वी.एस.एस)
तिरुमला में सुरक्षा प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एनआईसी चित्तूर ने पुलिस विभाग के लिए तिरुमला नागरिक सत्यापन एवं निगरानी प्रणाली (टी.सी.वी.एस.एस) विकसित की है। यह मंच तिरुमला में निवास करने अथवा कार्यरत व्यक्तियों एवं प्रतिष्ठानों, जैसे होटल, मठ, दुकानें, सेवा प्रदाता, श्रमिक तथा स्थानीय निवासियों का सत्यापित डेटाबेस संधारित करता है।
टी.सी.वी.एस.एसएक केंद्रीकृत एवं प्रमाणीकरण-आधारित सूचना भंडार के माध्यम से वास्तविक समय में सत्यापन, निगरानी एवं पर्यवेक्षण की सुविधा प्रदान करता है। इसके एकीकृत डैशबोर्ड निवारक पुलिसिंग, भीड़ प्रबंधन, विशिष्ट अतिविशिष्ट व्यक्ति (वी.वी.आई.पी) सुरक्षा तथा अन्य कानून-प्रवर्तन गतिविधियों के लिए उपयोगी विश्लेषणात्मक जानकारी उपलब्ध कराते हैं, जिससे बेहतर निर्णय-निर्माण संभव हो पाता है।
इस मंच ने सत्यापन प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाया है, सुरक्षा प्रबंधन को सुदृढ़ किया है तथा व्यक्तियों की त्वरित पहचान एवं सत्यापन के माध्यम से परिस्थितिजन्य जागरूकता को बढ़ाया है।
प्रभाव
- तिरुमला के प्रतिष्ठानों, श्रमिकों एवं निवासियों का सत्यापित डेटाबेस
- वास्तविक समय में सत्यापन एवं निगरानी
- निगरानी एवं निवारक पुलिसिंग को मजबूती
- वीवीआईपी सुरक्षा प्रबंधन में बेहतर सहयोग
- डैशबोर्ड एवं प्रतिवेदनों के माध्यम से डेटा-आधारित निर्णय-निर्माण
- व्यक्तियों की त्वरित पहचान एवं सत्यापन
फाइल लंबितता निगरानी प्रणाली (एफ.पी.एम.एस)
एनआईसी चित्तूर द्वारा विकसित फाइल लंबितता निगरानी प्रणाली (एफ.पी.एम.एस) विभिन्न विभागों एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में लंबित फाइलों तथा प्रशासनिक मुद्दों की ऑनलाइन निगरानी एवं अनुश्रवण की सुविधा प्रदान करती है। यह मंच इलेक्ट्रॉनिक फाइल संचलन, वास्तविक समय स्थिति अद्यतन तथा एकीकृत डैशबोर्ड के माध्यम से केंद्रीकृत निगरानी सुनिश्चित करता है।
प्रशासनिक स्तरों पर लंबित मामलों की स्पष्ट दृश्यता उपलब्ध कराकर एफ.पी.एम.एसने पारदर्शिता, जवाबदेही एवं निर्णय-निर्माण को बेहतर बनाया है। इस अनुप्रयोग की सफलता के परिणामस्वरूप इसे ग्रेटर विशाखापत्तनम नगर निगम (जी.वी.एम.सी), विशाखापत्तनम तथा कृष्णा जिले सहित अन्य क्षेत्रों में भी अपनाया गया है।
प्रभाव
- लंबित फाइलों एवं प्रशासनिक मामलों की ऑनलाइन निगरानी
- पारदर्शिता एवं जवाबदेही में वृद्धि
- वास्तविक समय स्थिति अनुश्रवण एवं प्रतिवेदन
- प्रशासनिक समीक्षा हेतु केंद्रीकृत डैशबोर्ड
- शिकायतों एवं विभागीय गतिविधियों की बेहतर निगरानी
- अन्य जिलों एवं स्थानीय निकायों में सफल पुनरावृत्ति
मुझे यह दर्ज करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि एनआईसी चित्तूर जिला केंद्र द्वारा जिला प्रशासन को उत्कृष्ट आईसीटी सहायता सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं। जिला आधिकारिक पोर्टल के विकास एवं अनुरक्षण, स्थानीय एवं आम चुनावों में निरंतर सहयोग, विभिन्न राज्य एवं राष्ट्रीय परियोजनाओं तथा साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में जिला एनआईसी टीम का योगदान सराहनीय है। जिले में ई-शासन पहलों को सफल बनाने में एनआईसी चित्तूर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।
श्री सुमित कुमार, आईएएस
जिलाधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट, चित्तूरजिला वेबसाइटें एवं डिजिटल मंच
एनआईसी चित्तूर, चित्तूर एवं तिरुपति जिलों, जिला पुलिस विभागों तथा विस्तार प्रशिक्षण केंद्र (ईटीसी), श्रीकालहस्ती की आधिकारिक वेबसाइटों का प्रबंधन करता है। ये मंच सरकारी सेवाओं, सार्वजनिक सूचनाओं, नागरिक सेवाओं, प्रशिक्षण संसाधनों तथा विभागीय अद्यतनों तक सहज पहुँच प्रदान करते हैं, जिससे पारदर्शिता, डिजिटल पहुँच एवं नागरिक सहभागिता को बढ़ावा मिलता है।
जिले की अन्य प्रमुख पहलें
आईरैड/ईडार
एनआईसी चित्तूर हितधारकों के प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता के माध्यम से आईरैड तथा ईडार प्रणालियों के कार्यान्वयन में सहयोग प्रदान करता है। ये प्रणालियाँ सड़क दुर्घटनाओं की डिजिटल रिपोर्टिंग, विश्लेषण एवं सड़क सुरक्षा प्रबंधन को सुदृढ़ करती हैं।
चित्र 4.1 : आईरैड/ ईडार और पीएम राहत योजना पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया
नेक्स्टजेन ई-हॉस्पिटल
नेक्स्टजेन ई-हॉस्पिटल को चित्तूर एवं तिरुपति जिलों के प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में लागू किया गया है। यह प्रणाली रोगी पंजीकरण, चिकित्सीय सेवाओं तथा इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य अभिलेखों के डिजिटल प्रबंधन को सक्षम बनाकर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करती है।
वेबलैंड
एनआईसी चित्तूर, आंध्र प्रदेश की डिजिटल भू-अभिलेख प्रबंधन प्रणाली वेबलैंड के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करता है। यह राजस्व कार्यालयों में पारदर्शी एवं दक्ष भूमि प्रशासन सुनिश्चित करने में सहायक है।
आर.टी.आई.एम.आई.एस.
एनआईसी चित्तूर, सूचना का अधिकार (आरटीआई) आवेदनों, अपीलों एवं शिकायतों के ऑनलाइन प्रस्तुतिकरण तथा निस्तारण हेतु आर.टी.आई.एम.आई.एस. के कार्यान्वयन में सहयोग प्रदान करता है, जिससे पारदर्शिता एवं नागरिकों की सूचना तक पहुँच में सुधार हुआ है।
ई-ऑफिस
एनआईसी चित्तूर ने 153 राज्य एवं केंद्रीय सरकारी कार्यालयों में ई-ऑफिस लागू किया है, जिसके माध्यम से 4.47 लाख से अधिक ई-फाइलें तथा 5.69 लाख से अधिक इलेक्ट्रॉनिक रसीदें संसाधित की जा चुकी हैं। इस मंच ने कार्यप्रवाह को सुव्यवस्थित किया है, कागजरहित प्रशासन को बढ़ावा दिया है तथा प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि की है।
नेटवर्क एवं ई-मेल सेवाएँ
एनआईसी चित्तूर सरकारी विभागों को नेटवर्क, ई-मेल एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सेवाएँ उपलब्ध कराता है, जिससे विश्वसनीय डिजिटल संचार तथा निर्बाध आईसीटी संचालन सुनिश्चित होता है।
तिरुमला में 'तिरुमला नागरिक सत्यापन प्रणाली (टी.सी.वी.एस)' के विकास एवं अनुरक्षण में एनआईसी चित्तूर जिला केंद्र द्वारा प्रदान किए गए अमूल्य सहयोग की हम हृदय से सराहना करते हैं। इस अनुप्रयोग ने तिरुमला के निवासियों, श्रमिकों एवं दुकानदारों के सत्यापन एवं निगरानी को अत्यधिक सुदृढ़ बनाया है। साथ ही अपराधियों, फरार आरोपियों एवं लापता व्यक्तियों की पहचान में भी यह अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ है। श्रीवारी ब्रह्मोत्सवम् एवं वैकुण्ठ एकादशी जैसे प्रमुख आयोजनों के दौरान एनआईसी टीम द्वारा प्रदान की गई निरंतर तकनीकी सहायता विशेष रूप से प्रशंसनीय है। तिरुमला में सुरक्षा एवं ई-शासन को सुदृढ़ करने में उनके योगदान के लिए हम उनका हार्दिक अभिनंदन करते हैं।
श्री एल. सुब्बारायुडु, आईपीएस
पुलिस अधीक्षक, तिरुपति जिलामहत्वपूर्ण आयोजन एवं जन-जागरूकता गतिविधियाँ
एनआईसी चित्तूर कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से साइबर सुरक्षा जागरूकता एवं डिजिटल साक्षरता को सक्रिय रूप से बढ़ावा देता है। सुरक्षित इंटरनेट दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, साइबर स्वच्छता, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के जिम्मेदार उपयोग पर विशेष बल दिया गया।
जिला केंद्र राष्ट्रीय, राज्य एवं जिला स्तरीय आयोजनों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, नेटवर्क कनेक्टिविटी एवं सूचना प्रौद्योगिकी अवसंरचना उपलब्ध कराकर तकनीकी सहायता भी प्रदान करता है। एनआईसी चित्तूर नियमित रूप से प्रशासनिक बैठकों, सम्मेलनों एवं उच्च स्तरीय दौरों में सहयोग देता है, जिससे विभिन्न सरकारी विभागों के बीच निर्बाध डिजिटल समन्वय सुनिश्चित होता है।
सम्मान एवं उपलब्धियाँ
एनआईसी चित्तूर द्वारा प्रदान की जा रही आईसीटी सहायता सेवाओं को जिला प्रशासन एवं विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा व्यापक रूप से सराहा गया है। डिजिटल सुशासन एवं ई-शासन पहलों के सफल कार्यान्वयन में योगदान के लिए जिला केंद्र तथा उसके अधिकारियों को राज्य एवं जिला स्तरीय कार्यक्रमों में प्रशस्ति-पत्र एवं सम्मान प्रदान किए गए हैं।
आगे की राह
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, चित्तूर, अभिनव स्थानीय आईसीटी समाधानों के विकास तथा राज्य एवं केंद्र सरकार के विद्यमान डिजिटल प्लेटफ़ॉर्मों को निरंतर तकनीकी सहयोग प्रदान करते हुए डिजिटल सुशासन को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। भविष्य में, प्रचलित विधिक एवं गोपनीयता संबंधी प्रावधानों के अधीन टी.सी.वी.एस.एस को सी.सी.टी.एन.एस के माध्यम से आपराधिक अभिलेख सत्यापन, आई.सी.जे.एस के माध्यम से न्यायालयीन प्रकरणों की जानकारी, वाहन एवं चालक संबंधी विवरण हेतु 'वाहन' एवं 'सारथी' तथा अन्य अधिकृत सरकारी डेटाबेसों के साथ एकीकृत कर और अधिक सक्षम बनाया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त, प्रणाली में नागरिक सत्यापन, आगंतुक प्रबंधन तथा तिरुमला के पवित्र नगर में कार्यरत, सेवाएँ प्रदान करने वाले अथवा निवास करने वाले व्यक्तियों की सार्वजनिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मोबाइल अनुप्रयोग भी शामिल किए जाएंगे।
द्वारा संपादित: जॉयस आर. अमृतराज
लेखक / योगदानकर्ता

वेंकटेश्वर राव नक्का वैज्ञानिक-डी एवं डीआईओ venkat.rao[at]nic[dot]in
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें
जिला सूचना विज्ञान अधिकारी
एनआईसी चित्तूर जिला केंद्र
द्वितीय तल, न्यू कलेक्टरेट
चित्तूर जिला, आंध्र प्रदेश – 517001