एनआईसी मोरीगांव सेवा सेतु, बसुंधरा, ई-ऑफिस और आई.आर.ए.डी जैसी प्रमुख ई-शासन पहलों के माध्यम से जिले में डिजिटल शासन को सशक्त बना रहा है। साथ ही, सर्वेहब और सड़क प्रगति जैसे नवाचारी समाधानों का विकास कर प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता तथा नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण को नई गति प्रदान कर रहा है।
असम के मध्य भाग में स्थित मोरीगांव जिला अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा प्रसिद्ध पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य के लिए जाना जाता है, जो भारतीय एक-सींग वाले गैंडे का प्रमुख आवास है। अपनी सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित रखते हुए जिले ने शासन और जनसेवा वितरण को सुदृढ़ बनाने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों को निरंतर अपनाया है।
इस परिवर्तन यात्रा में सहयोगी के रूप में एनआईसी मोरीगांव ने सेवा सेतु, बसुंधरा, धरित्री, ई-ऑफिस तथा आई.आर.ए.डी जैसी प्रमुख ई-शासन पहलों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जिला केंद्र ने सर्वेक्षण एवं संरचित डेटा संकलन हेतु सर्वेहब तथा सड़क परियोजनाओं की निगरानी के लिए सड़क प्रगति जैसे अभिनव डिजिटल समाधान भी विकसित किए हैं। ई-प्रस्तुति 2.0 पर आधारित जिला वेबसाइट पारितंत्र के साथ मिलकर इन पहलों ने मोरीगांव में पारदर्शिता, दक्षता और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण को सुदृढ़ किया है।
जिले में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी पहलें
सर्वेहब – डिजिटल प्रपत्र, सर्वेक्षण एवं डेटा संकलन मंच
सर्वेहब एक डिजिटल मंच है, जिसे विभिन्न विभागों में प्रपत्र निर्माण, सर्वेक्षण संचालन तथा संरचित डेटा संकलन को सुव्यवस्थित करने के लिए विकसित किया गया है। यह मंच उपयोगकर्ताओं को केंद्रीकृत इंटरफेस के माध्यम से डिजिटल प्रपत्रों का डिज़ाइन, प्रकाशन और प्रबंधन करने की सुविधा प्रदान करता है।
रीयल-टाइम डैशबोर्ड तथा विश्लेषणात्मक प्रतिवेदन सुविधाओं से युक्त सर्वेहब प्रभावी निगरानी, डेटा की शुद्धता में सुधार तथा सूचित निर्णय-निर्माण को सक्षम बनाता है। यह मंच दर्शाता है कि विस्तार योग्य डिजिटल उपकरण शासन एवं प्रशासन की विविध आवश्यकताओं को किस प्रकार पूरा कर सकते हैं।
चित्र 6.1 : सर्वेहब डैशबोर्ड
सड़क प्रगति – सड़क परियोजना निगरानी प्रणाली
जिला प्रशासन के सहयोग से विकसित सड़क प्रगति, जिले में सड़क निर्माण एवं अनुरक्षण परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक डिजिटल मंच है। यह प्रणाली परियोजना-वार प्रगति अनुश्रवण, क्षेत्रीय निरीक्षण प्रतिवेदन तथा अवसंरचना कार्यों की केंद्रीकृत निगरानी की सुविधा प्रदान करती है।
समयबद्ध अद्यतन और परियोजना क्रियान्वयन की बेहतर दृश्यता उपलब्ध कराकर यह मंच प्रशासकों को प्रगति की समीक्षा, बाधाओं की पहचान तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने में सहायता करता है। सड़क प्रगति साक्ष्य-आधारित निर्णय-निर्माण को सुदृढ़ करते हुए जिले में अवसंरचना विकास गतिविधियों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करती है।
ई-प्रस्तुति 2.0 पर मोरीगांव जिला वेबसाइट
एनआईसी मोरीगांव ने मोरीगांव जिला वेबसाइट को सफलतापूर्वक ई-प्रस्तुति 2.0 ढांचे पर स्थानांतरित किया, जिससे एक आधुनिक, सुलभ और नागरिक-केंद्रित डिजिटल सूचना मंच स्थापित हुआ। इस वेबसाइट पारितंत्र में 24 से अधिक विभागों और कार्यालयों को एकीकृत किया गया है।
विकेंद्रीकृत सामग्री प्रबंधन को सक्षम बनाने हेतु विभागीय सामग्री प्रबंधकों को स्वतंत्र रूप से वेबसाइट सामग्री अद्यतन और अनुरक्षित करने के लिए प्रशिक्षित किया गया। जिला केंद्र वेबसाइट के प्रभावी संचालन हेतु तकनीकी मार्गदर्शन और सहयोग निरंतर प्रदान कर रहा है।
जिले की अन्य प्रमुख पहलें
एनआईसी मोरीगांव विभिन्न ई-शासन परियोजनाओं के क्रियान्वयन एवं संचालन में सहयोग देकर जिला और राज्य प्रशासन का एक प्रमुख प्रौद्योगिकी साझेदार बना हुआ है।
एकीकृत भूमि अभिलेख प्रबंधन प्रणाली (आई.एल.आर.एम.एस)
एकीकृत भूमि अभिलेख प्रबंधन प्रणाली (आई.एल.आर.एम.एस) ने बसुंधरा, धरित्री, भूनक्शा, ई-खजाना, एनजीडीआरएस तथा सर्वे/पुनःसर्वेक्षण जैसे अनुप्रयोगों के एकीकरण के माध्यम से भूमि-संबंधी सेवाओं के वितरण में उल्लेखनीय सुधार किया है।
एनआईसी मोरीगांव क्षमता निर्माण कार्यक्रमों और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से इस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग प्रदान करता है।
सेवा सेतु
एनआईसी असम द्वारा अभिकल्पित एवं विकसित सेवा सेतु, असम सरकार का प्रमुख नागरिक सेवा वितरण मंच है। यह पोर्टल नागरिकों को पंजीकरण, लाइसेंस, प्रमाणपत्र तथा कल्याणकारी योजनाओं सहित 815 से अधिक सेवाओं तक डिजिटल पहुँच प्रदान करता है।
एनआईसी मोरीगांव उपयोगकर्ता प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग के माध्यम से इसके प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करता है।
बसुंधरा
मिशन बसुंधरा असम सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य भूमि राजस्व सेवाओं को पारदर्शी एवं दक्ष तरीके से नागरिकों तक पहुँचाना है। यह कार्यक्रम सरल डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से भूमि-संबंधी सेवाओं की व्यापक श्रृंखला उपलब्ध कराता है।
एनआईसी मोरीगांव प्रशिक्षण, समस्या-निवारण सहायता तथा राजस्व अधिकारियों के साथ समन्वय के माध्यम से इसके प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग करता है।
ई-ऑफिस
एनआईसी मोरीगांव ने जिला आयुक्त कार्यालय तथा सह-जिला आयुक्त कार्यालयों में ई-ऑफिस के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे कागजरहित प्रशासन और सुव्यवस्थित डिजिटल कार्यप्रवाह को बढ़ावा मिला है।
निरंतर क्षमता निर्माण और तकनीकी सहयोग के माध्यम से मंच के सुचारु संचालन एवं उपयोग को सुनिश्चित किया जा रहा है।
आई.आर.ए.डी
एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस (आई.आर.ए.डी) के क्रियान्वयन में एनआईसी मोरीगांव सक्रिय सहयोग प्रदान कर रहा है, जिससे सड़क सुरक्षा संबंधी डेटा प्रबंधन और दुर्घटना प्रतिवेदन प्रणाली को सुदृढ़ किया जा सके।
हितधारक विभागों के नोडल अधिकारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। जिला केंद्र प्रधानमंत्री राहत योजना के एकीकरण में भी सहयोग प्रदान कर रहा है, जिससे पात्र लाभार्थियों के प्रकरणों का कुशलतापूर्वक निस्तारण सुनिश्चित हो सके।
निर्वाचन हेतु सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सहयोग
एनआईसी मोरीगांव लोकसभा, विधानसभा, पंचायत तथा स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान जिला प्रशासन को व्यापक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सहयोग प्रदान करता है।
जिला केंद्र एनआईसी असम द्वारा विकसित मतदान कार्मिक प्रबंधन प्रणाली (पी.पी.एम.एस) के क्रियान्वयन में सहयोग करता है तथा भारत निर्वाचन आयोग के विभिन्न डिजिटल मंचों के उपयोग हेतु क्षमता निर्माण गतिविधियाँ संचालित करता है।
चित्र 6.2 : एनआईसी मोरीगांव द्वारा निर्वाचन हेतु सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सहयोग
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एवं एनआईसीनेट सेवाएँ
एनआईसी मोरीगांव एनआईसीनेट, राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क (एनकेएन), वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तथा वेबकास्टिंग जैसी महत्वपूर्ण डिजिटल अवसंरचना सेवाओं का संचालन करता है।
ये सेवाएँ प्रशासनिक संवाद और समन्वय की आधारशिला हैं। जिला केंद्र चौबीसों घंटे तकनीकी सहयोग प्रदान कर विश्वसनीय संपर्क और निर्बाध संचालन सुनिश्चित करता है।
एनआईसी मोरीगांव जिले की डिजिटल परिवर्तन यात्रा में एक अमूल्य साझेदार रहा है। नवीन सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी समाधानों तथा समर्पित तकनीकी सहयोग के माध्यम से इसने जिला प्रशासन को निरंतर समर्थन प्रदान किया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सेवाओं के सुचारु संचालन, ई-ऑफिस एवं अन्य ई-शासन पहलों के क्रियान्वयन तथा चुनावों के दौरान तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। सड़क परियोजनाओं की निगरानी हेतु विकसित की जा रही सड़क प्रगति प्रणाली प्रभावी शासन और सूचित निर्णय-निर्माण के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग के प्रति एनआईसी मोरीगांव की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मैं एनआईसी मोरीगांव टीम के प्रयासों की सराहना करती हूँ और जिले में नागरिक-केंद्रित डिजिटल शासन को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें शुभकामनाएँ देती हूँ।
श्रीमती अनामिका तिवारी, एसीएस
जिला आयुक्त मोरीगांवआयोजित महत्वपूर्ण कार्यक्रम
सुरक्षित इंटरनेट दिवस 2026
साइबर जागरूकता और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत एनआईसी मोरीगांव ने सुरक्षित इंटरनेट दिवस 2026 के अवसर पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया।
विभिन्न विभागों के लगभग 70 सरकारी अधिकारियों ने इसमें भाग लिया। कार्यक्रम में साइबर स्वच्छता, पासवर्ड सुरक्षा, सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार तथा उभरते साइबर खतरों से सुरक्षा जैसे विषयों पर विशेष चर्चा की गई। कार्यशाला ने डिजिटल शासन व्यवस्था में साइबर सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया।
आगे की राह
आगामी समय में एनआईसी मोरीगांव सड़क प्रगति मंच की क्षमताओं को और सुदृढ़ करने तथा सर्वेहब के उपयोग का विभिन्न विभागों में विस्तार करने पर विशेष ध्यान देगा। डिजिटल सेवा वितरण को मजबूत बनाने, साइबर सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देने तथा डेटा-आधारित शासन को प्रोत्साहित करने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।
जिला प्रशासन के एक विश्वसनीय प्रौद्योगिकी साझेदार के रूप में एनआईसी मोरीगांव कुशल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित शासन के लिए डिजिटल नवाचारों के उपयोग हेतु प्रतिबद्ध है।
द्वारा संपादित: लाल बहादरु सिहं
लेखक / योगदानकर्ता

बिष्णु छेत्री वैज्ञानिक अधिकारी – एसबी एवं डीआईओ bisnu.chetri95[at]nic[dot]in
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जिला सूचना विज्ञान अधिकारी
एनआईसी जिला केंद्र, मोरीगांव
जिला आयुक्त कार्यालय
मोरीगांव, असम – 782105