जिला से जुलाई 2026

केंद्रापड़ा, ओडिशा आईसीटी के माध्यम से जमीनी स्तर के सुशासन को सशक्त बनाना

द्वारा संपादित: मोहन दास विश्वम
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एनआईसी केंद्रापड़ा की आईसीटी पहलों ने ए.ई.बी.ए.एस, ई-काउंसलिंग और ई-डीएआर जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्मों के माध्यम से पारदर्शिता, दक्षता और सेवा वितरण को सुदृढ़ किया है। क्षमता निर्माण, तकनीकी परामर्श सेवाओं और जिला-स्तरीय नवाचारों के साथ मिलकर इन प्रयासों ने जिला प्रशासन की तकनीकी रीढ़ के रूप में इसकी भूमिका को और मजबूत किया है।

केंद्रापड़ा जिला सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) को रणनीतिक रूप से अपनाकर अपने डिजिटल प्रशासनिक तंत्र को निरंतर सुदृढ़ कर रहा है। इस परिवर्तन के केंद्र में एनआईसी जिला केंद्र, केंद्रापड़ा है, जो राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्मों के कार्यान्वयन, आईसीटी अवसंरचना को मजबूत करने, साइबर सुरक्षा संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करने तथा विभिन्न सरकारी विभागों में डिजिटल प्रौद्योगिकियों के प्रभावी उपयोग को सक्षम बनाकर जिले की तकनीकी रीढ़ के रूप में कार्य कर रहा है।

आधार-सक्षम उपस्थिति प्रणालियों और जीआईएस-आधारित निर्णय-सहायक उपकरणों से लेकर मोबाइल अनुप्रयोगों, डिजिटल सेवा वितरण प्लेटफॉर्मों और रीयल-टाइम निगरानी समाधानों तक, एनआईसी केंद्रापड़ा प्रशासन में प्रौद्योगिकी-आधारित नवाचार को बढ़ावा दे रहा है। निरंतर तकनीकी सहायता, क्षमता निर्माण और नागरिक-केंद्रित डिजिटल समाधानों के विकास के माध्यम से जिला केंद्र ने पारदर्शिता, परिचालन दक्षता, डेटा-आधारित निर्णय-निर्माण तथा सेवा वितरण में सुधार करने में सहायता की है, जिससे अधिक उत्तरदायी और प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रशासन को बढ़ावा मिला है।

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श्री रघुराम आर. अय्यर, आईएएस
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, केंद्रपाड़ा

जिले में आईसीटी पहलें

आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (ए.ई.बी.ए.एस)

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, केंद्रापड़ा के मार्गदर्शन में, एनआईसी केंद्रापड़ा ने जनवरी 2026 में सभी तहसीलों और ब्लॉकों में आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (ए.ई.बी.ए.एस) लागू की। वर्तमान में यह प्रणाली 32 प्रशासनिक इकाइयों के अंतर्गत 714 कार्यालयों को कवर करती है, जिनमें तहसीलें, ब्लॉक, अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और आपातकालीन संचालन केंद्र शामिल हैं।

ए.ई.बी.ए.एस रीयल-टाइम उपस्थिति निगरानी, बायोमेट्रिक एवं मोबाइल-आधारित उपस्थिति अंकन, जियो-टैग्ड भ्रमण प्रबंधन, डैशबोर्ड तथा केंद्रीकृत रिपोर्टिंग जैसी सुविधाएँ प्रदान करता है। 2,000 से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ताओं के साथ इस प्लेटफॉर्म ने अप्रैल–मई 2026 के दौरान 80 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति अनुपालन दर्ज किया, जिससे सरकारी कार्यप्रणाली में जवाबदेही, समयपालन और पारदर्शिता को बल मिला।

जनगणना एवं कृषि जनगणना सहायता

एनआईसी केंद्रापड़ा ने जनसंख्या एवं गृह जनगणना तथा कृषि जनगणना गतिविधियों के लिए तकनीकी और समन्वयात्मक सहायता प्रदान की। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी ने मास्टर ट्रेनर-कम-अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी के रूप में कार्य करते हुए प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और डिजिटल प्रक्रियाओं के संचालन का नेतृत्व किया। तकनीकी सहायता, क्षेत्रीय स्तर पर सहयोग तथा गणनाकारों और पर्यवेक्षकों की समस्याओं के समाधान के माध्यम से एनआईसी ने सटीक डेटा संग्रह, बेहतर समन्वय और जनगणना कार्यों के समयबद्ध निष्पादन को सुनिश्चित करने में योगदान दिया।

स्थानांतरण एवं पदस्थापन हेतु ई-काउंसलिंग प्रणाली

एनआईसी केंद्रापड़ा ने कर्मचारियों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन की प्रक्रिया को डिजिटाइज करने के लिए ई-काउंसलिंग पोर्टल विकसित किया। यह प्लेटफॉर्म रिक्तियों के प्रबंधन, वरीयता प्रस्तुतिकरण, आवंटन तथा पदस्थापन आदेशों के सृजन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करता है, जिससे पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध निर्णय-निर्माण को बढ़ावा मिलता है। अब तक 150 से अधिक स्थानांतरण एवं पदस्थापन मामलों का निपटान इस पोर्टल के माध्यम से किया जा चुका है।

ई-डीएआर और पीएम राहत

एनआईसी केंद्रापड़ा इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट (ई-डीएआर) प्लेटफॉर्म के कार्यान्वयन में सहयोग प्रदान करता है, जिससे सड़क दुर्घटना मामलों की डिजिटल प्रोसेसिंग और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित होता है। जिला केंद्र पीएम राहत के लिए भी तकनीकी सहायता प्रदान करता है, जिससे दुर्घटना-संबंधी सहायता और दस्तावेजीकरण अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सके।

निर्वाचन आईसीटी सहायता

एनआईसी केंद्रापड़ा निर्वाचन के दौरान एंड-टू-एंड आईसीटी सहायता प्रदान करता है, जिसमें अनुप्रयोग प्रबंधन, डेटा तैयारी, कार्मिक एवं ईवीएम रैंडमाइजेशन, तकनीकी प्रशिक्षण और संचार सहायता शामिल हैं। ये सेवाएँ पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-संचालित और दक्ष निर्वाचन प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करती हैं।

राजस्व, भूमि, आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सेवाएँ

एनआईसी केंद्रापड़ा भूमि अभिलेख, राजस्व प्रशासन, प्रमाण-पत्र, शिकायत निवारण, आपदा सहायता तथा नागरिक सेवा वितरण से संबंधित प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्मों को तकनीकी सहयोग प्रदान करता है। जिला केंद्र डी.ए.एम.पी.एस. तथा ई-कोर्ट सेवाओं जैसे अनुप्रयोगों के लिए तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और समस्या निवारण भी उपलब्ध कराता है, जिससे उनका प्रभावी उपयोग और बेहतर सार्वजनिक सेवा वितरण सुनिश्चित होता है।

खुदरा मदिरा दुकानों हेतु ई-लॉटरी

आबकारी वर्ष 2026–27 के लिए आई.एम.एफ.एल. “ऑफ” दुकानों तथा देशी मदिरा दुकानों के निपटान हेतु ई-लॉटरी का आयोजन जिला परिषद, केंद्रापड़ा के सम्मेलन कक्ष में किया गया।

एनआईसी केंद्रापड़ा के जिला सूचना विज्ञान अधिकारी ने जांच समिति और लॉटरी समिति दोनों के सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने आवेदन एवं दस्तावेजों के सत्यापन, आईसीटी अवसंरचना व्यवस्था, लॉटरी विजेताओं की कंप्यूटरीकृत प्रविष्टि, अस्थायी विजेता प्रमाण-पत्रों के सृजन तथा प्रक्रिया के सभी तकनीकी पहलुओं में सहयोग प्रदान किया।

आई.एम.एफ.एल. “ऑफ” दुकानों के लिए 634 आवेदकों से कुल 919 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि देशी मदिरा दुकानों के लिए 122 आवेदकों से 173 आवेदन प्राप्त हुए। कुल मिलाकर 756 आवेदकों से प्राप्त 1,092 आवेदनों को 64 दुकानों के विरुद्ध संसाधित किया गया और लॉटरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और दक्ष तरीके से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई, जिसने डिजिटल प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता को प्रदर्शित किया।

जिला जियो-पोर्टल

भारत मैप्स फ्रेमवर्क पर निर्मित केंद्रापड़ा जिला जियो-पोर्टल योजना निर्माण, निगरानी और निर्णय-निर्माण के लिए एक एकीकृत जीआईएस प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। प्रशासनिक, अवसंरचनात्मक और संसाधन-संबंधी डेटासेटों को एकीकृत करके यह अधिकारियों को भू-स्थानिक सूचनाओं का विश्लेषण करने, बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा साक्ष्य-आधारित प्रशासन को बढ़ावा देने में सक्षम बनाता है।

जिला मोबाइल अनुप्रयोग विकास

एनआईसी केंद्रापड़ा आवश्यकता-आधारित मोबाइल अनुप्रयोग विकसित करता है ताकि पहुँच, क्षेत्रीय स्तर पर समन्वय, सूचना प्रसार और डिजिटल निगरानी को बेहतर बनाया जा सके। ये समाधान तेज निर्णय-निर्माण, बेहतर क्षेत्रीय रिपोर्टिंग तथा डिजिटल प्रशासनिक उपकरणों के व्यापक उपयोग को बढ़ावा देते हैं।

आईसीटी अवसंरचना, नेटवर्क और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सहायता

एनआईसी केंद्रापड़ा नेटवर्क कनेक्टिविटी, इनडोर एवं आउटडोर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सेवाएँ, आधिकारिक ईमेल सेवाएँ, साइबर सुरक्षा मार्गदर्शन तथा अनुप्रयोग सहायता सहित महत्वपूर्ण आईसीटी अवसंरचना सहयोग प्रदान करता है।

जिला केंद्र समीक्षा बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, वीवीआईपी दौरों और अन्य उच्च-प्राथमिकता प्रशासनिक गतिविधियों में निर्बाध कनेक्टिविटी, डिजिटल प्रस्तुतीकरण सहायता, रीयल-टाइम तकनीकी समन्वय और विश्वसनीय आईसीटी सेवाएँ सुनिश्चित करके महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

चित्र 5.1

चित्र 5.1 : डीआईओ, केंद्रपाड़ा, ओडिशा, ओडिशा सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा संसदीय कार्य मंत्री से ‘जनरेटिव कृत्रिम बुद्धिमत्ता उत्कृष्टता पुरस्कार–2024’ प्राप्त करते हुए

मार्गदर्शन एवं क्षमता निर्माण

एनआईसी केंद्रापड़ा स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्र प्रशिक्षुओं को मार्गदर्शन प्रदान करके क्षमता निर्माण में सक्रिय योगदान देता है तथा उन्हें ई-गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, आईसीटी अवसंरचना और डिजिटल सेवा वितरण के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराता है।

जिला केंद्र सरकारी अधिकारियों, पुलिस कर्मियों और छात्रों के लिए साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल प्रशासन, ऑनलाइन सेवाओं और उभरती प्रौद्योगिकियों पर जागरूकता सत्र तथा तकनीकी कार्यशालाएँ भी आयोजित करता है।

तकनीकी समितियाँ एवं आईसीटी परामर्श सहायता

जिला सूचना विज्ञान अधिकारी विभिन्न आईसीटी-संबंधित समितियों में सदस्य के रूप में कार्य करते हैं, जिनका संबंध राष्ट्रीय परीक्षाओं, जीईएम खरीद, प्रौद्योगिकी मूल्यांकन, आईसीटी अवसंरचना योजना और डिजिटल परियोजना कार्यान्वयन से है। एनआईसी केंद्रापड़ा प्रौद्योगिकी अपनाने, साइबर सुरक्षा, खरीद प्रक्रिया तथा अनुप्रयोग परिनियोजन पर तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करता है और जिले में कंप्यूटर-आधारित भर्ती परीक्षाओं, कौशल परीक्षणों तथा विभागीय मूल्यांकनों को भी सहयोग देता है।

पुरस्कार एवं सम्मान

एनआईसी केंद्रापड़ा और उसके अधिकारियों के योगदान को जिला एवं राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न मान्यताएँ प्राप्त हुई हैं:

  • रिट्रीवल-ऑगमेंटेड जनरेशन (आरएजी) आधारित चैटबॉट समाधान के साथ उन्नत लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) विकसित करने के लिए जेनएआई अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस 2024।
  • मई 2026 में उत्कृष्ट आईसीटी सहायता एवं तकनीकी योगदान के लिए पुलिस अधीक्षक, केंद्रपाड़ा द्वारा प्रशंसा-पत्र।
  • आम निर्वाचन 2024 के सफल संचालन हेतु आईसीटी सहायता प्रदान करने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ), ओडिशा द्वारा प्रशंसा-पत्र।
  • ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु आईसीटी सहायता प्रदान करने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव, ओडिशा द्वारा प्रशंसा।
  • भूमि अभिलेखों और संबंधित सेवाओं के सफल डिजिटलीकरण एवं आधुनिकीकरण के लिए केंद्रपाड़ा जिले को प्राप्त भूमि सम्मान पुरस्कार।
  • जिला सूचना विज्ञान अधिकारी द्वारा प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं और सम्मेलन कार्यवाही में चार शोध-पत्र प्रकाशित किए गए हैं।

आगे की राह

एनआईसी केंद्रापड़ा उन्नत आईसीटी अवसंरचना, साइबर सुरक्षा, एआई-संचालित समाधानों और नागरिक-केंद्रित डिजिटल सेवाओं के माध्यम से डिजिटल प्रशासन को और सुदृढ़ करता रहेगा। एनआईसी और जिला प्रशासन के बीच निरंतर सहयोग के साथ केंद्रापड़ा एक अधिक पारदर्शी, दक्ष और प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रशासनिक तंत्र की दिशा में निरंतर अग्रसर है।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें

जिला सूचना विज्ञान अधिकारी

एनआईसी केंद्रपाड़ा जिला केंद्र

कलेक्ट्रेट बिल्डिंग, केंद्रपाड़ा, ओडिशा – 754211

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