वेदिका, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एनआईसी) द्वारा विकसित एक डिजिटल अभिलेखीकरण एवं दस्तावेज प्रबंधन मंच है, जिसे मंत्रालयों, विभागों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों को उनके अभिलेखों के सम्पूर्ण जीवनचक्र में संरक्षित, व्यवस्थित और प्रबंधित करने में सहायता प्रदान करने के लिए विकसित किया गया है। वैश्विक स्तर पर व्यापक रूप से अपनाए गए मुक्त-स्रोत रिपॉजिटरी मंच डी-स्पेस पर आधारित तथा सरकारी संगठनों की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप अनुकूलित, वेदिका बिखरे हुए दस्तावेज संग्रहों को संरचित, खोजयोग्य और दीर्घकालिक डिजिटल रिपॉजिटरियों में परिवर्तित करती है।
सरकार द्वारा लिया गया प्रत्येक निर्णय, प्रत्येक नीति, अधिसूचना, प्रतिवेदन, संसदीय बहस तथा प्रशासनिक अभिलेख राष्ट्र की संस्थागत स्मृति का हिस्सा होता है। इन अभिलेखों का संरक्षण तथा उन्हें सरलतापूर्वक खोजे और उपयोग किए जाने योग्य बनाना प्रभावी शासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के लिए अत्यंत आवश्यक है।
दशकों से सरकारी संगठन सूचना प्रबंधन के लिए भौतिक फाइलों और विभिन्न स्थानों पर स्थित दस्तावेज रिपॉजिटरियों पर निर्भर रहे हैं। यद्यपि इन व्यवस्थाओं ने अपने समय में उपयोगी भूमिका निभाई, किन्तु अभिलेखों की निरंतर बढ़ती मात्रा ने उनके भंडारण, पुनर्प्राप्ति और संरक्षण को अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है। फाइलों का पता लगाना कठिन हो सकता है, भौतिक अभिलेख समय के साथ क्षतिग्रस्त हो सकते हैं तथा विभिन्न प्रणालियों में संग्रहीत सूचनाओं तक पहुंच प्राप्त करना जटिल हो सकता है।
डिजिटल अभिलेखीकरण इन चुनौतियों का समाधान एक ऐसे संरचित डिजिटल वातावरण के माध्यम से करता है, जिसमें अभिलेखों का संरक्षण, संगठन और उपयोग संभव हो सके। यह सुनिश्चित करता है कि सूचनाएं भविष्य में संदर्भ हेतु उपलब्ध रहें तथा उनकी खोज क्षमता और परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हो।
दस्तावेज भंडारण से ज्ञान संरक्षण तक
डिजिटल अभिलेखीकरण केवल कागजी अभिलेखों को इलेक्ट्रॉनिक फाइलों में परिवर्तित करने तक सीमित नहीं है। इसका वास्तविक महत्व ऐसी रिपॉजिटरियों के निर्माण में निहित है, जहाँ सूचनाओं को व्यवस्थित रूप से संरक्षित, वर्गीकृत, खोजा और आवश्यकता पड़ने पर पुनः प्राप्त किया जा सके।
यहीं पर दस्तावेज प्रबंधन प्रणाली (डीएमएस) महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। एक डीएमएस संरचित भंडारण, उन्नत खोज, संस्करण अनुश्रवण, अभिगम नियंत्रण, लेखापरीक्षणीयता तथा कार्यप्रवाह समर्थन जैसी सुविधाएँ प्रदान करता है, जिससे अभिलेख अपने निर्माण के वर्षों बाद भी उपयोगी बने रहते हैं। वेदिका इन सभी क्षमताओं को एकीकृत मंच पर उपलब्ध कराती है, जिससे संगठन अपनी संस्थागत ज्ञान-संपदा का संरक्षण करते हुए आवश्यक जानकारी सही उपयोगकर्ता तक सही समय पर पहुँचा सकते हैं।
चित्र 11.1: वेदिका डिजिटल रिपॉज़िटरी कार्यान्वयन ढाँचा
वेदिका मंच
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एनआईसी) द्वारा विकसित वेदिका, सरकारी संगठनों के लिए एक विन्यासयोग्य डिजिटल अभिलेखीकरण एवं दस्तावेज प्रबंधन मंच उपलब्ध कराती है।
इसका मूल आधार डी-स्पेस है, जो विश्व के सर्वाधिक प्रचलित मुक्त-स्रोत रिपॉजिटरी मंचों में से एक है। मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान (एमआईटी) पुस्तकालयों तथा हेवलेट-पैकार्ड प्रयोगशालाओं के सहयोग से विकसित डी-स्पेस का उपयोग विश्वभर के हजारों संस्थान दीर्घकालिक डिजिटल संरक्षण और रिपॉजिटरी प्रबंधन के लिए करते हैं।
एनआईसी इस सिद्ध एवं विश्वसनीय आधारभूत मंच का उपयोग करते हुए इसे मंत्रालयों, विभागों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप अनुकूलित करता है। परिणामस्वरूप एक ऐसा मंच उपलब्ध होता है जो अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं और सरकारी आवश्यकताओं पर आधारित अनुकूलन का समन्वय प्रस्तुत करता है।
संगठनात्मक आवश्यकताओं के अनुरूप
प्रत्येक संगठन अपनी सूचनाओं का प्रबंधन अलग-अलग तरीके से करता है। उदाहरण के लिए, किसी विधायी रिपॉजिटरी में अधिनियमों, नियमों और अधिसूचनाओं के लिए विशेष वर्गीकरण की आवश्यकता हो सकती है, जबकि किसी संसदीय रिपॉजिटरी में सामग्री को सत्रों, बहसों और सदस्यों के आधार पर व्यवस्थित किया जा सकता है।
वेदिका इन विविध आवश्यकताओं को विन्यासयोग्य रिपॉजिटरी संरचनाओं, मेटाडेटा स्कीमाओं, संग्रह पदानुक्रमों, कार्यप्रवाहों तथा भूमिका-आधारित अभिगम नीतियों के माध्यम से पूरा करती है। संगठन अपने दस्तावेज वर्गीकरण, मेटाडेटा आवश्यकताओं तथा अभिगम नियमों को परिभाषित करते हैं, जबकि एनआईसी मंच को इन आवश्यकताओं के अनुरूप विन्यस्त करता है। आवश्यकता पड़ने पर विशेष प्रयोजन हेतु अनुकूलित इंटरफेस तथा समर्पित पोर्टलों का विकास भी किया जा सकता है।
प्रमुख विशेषताएँ
वेदिका दस्तावेज प्रबंधन और डिजिटल अभिलेखीकरण से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण सुविधाएँ प्रदान करती है, जिनमें शामिल हैं—
- विन्यासयोग्य रिपॉजिटरी पदानुक्रमों के माध्यम से दस्तावेजों का संरचित संगठन।
- मेटाडेटा तथा पूर्ण-पाठ अनुक्रमण पर आधारित उन्नत खोज सुविधा।
- उपयोगकर्ता भूमिकाओं और संगठनात्मक आवश्यकताओं के अनुरूप नियंत्रित अभिगम।
- दस्तावेज गतिविधियों का संस्करण अनुश्रवण एवं लेखापरीक्षणीयता।
- प्रस्तुतीकरण, समीक्षा एवं अनुमोदन प्रक्रियाओं के लिए कार्यप्रवाह समर्थन।
- डिजिटल अभिलेखों का दीर्घकालिक संरक्षण।
इन सभी क्षमताओं के माध्यम से संगठन साधारण दस्तावेज भंडारण से आगे बढ़कर स्थायी डिजिटल ज्ञान रिपॉजिटरियों की स्थापना कर सकते हैं।
कार्यान्वयन दृष्टिकोण
वेदिका का कार्यान्वयन एक संरचित तथा सहयोगात्मक प्रक्रिया का अनुसरण करता है।
प्रक्रिया की शुरुआत अभिलेखीकरण एवं डिजिटलीकरण हेतु अभिलेखों की पहचान से होती है। भौतिक दस्तावेजों को स्कैन कर ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (ओसीआर) तकनीकों की सहायता से संसाधित किया जा सकता है, जबकि डिजिटल अभिलेखों को सीधे रिपॉजिटरी में सम्मिलित किया जा सकता है। इसके पश्चात संगठन दस्तावेज वर्गीकरण, मेटाडेटा संरचना, उपयोगकर्ता भूमिकाएँ तथा अभिगम नीतियाँ निर्धारित करते हैं।
इन जानकारियों के आधार पर एनआईसी रिपॉजिटरी का विन्यास करता है, संग्रह संरचनाएँ और कार्यप्रवाह स्थापित करता है, परीक्षण एवं सत्यापन सम्पन्न करता है तथा समाधान को एनआईसी की क्लाउड अवसंरचना पर परिनियोजित करता है। परिनियोजन के बाद उपयोगकर्ताओं का ऑनबोर्डिंग तथा परिचालन सहायता भी प्रदान की जाती है।
व्यवहार में वेदिका
वेदिका का सफलतापूर्वक उपयोग अनेक महत्वपूर्ण सरकारी रिपॉजिटरियों में किया जा रहा है, जो सार्वजनिक अभिगम वाले अभिलेखागारों और आंतरिक उपयोग हेतु सुरक्षित रिपॉजिटरियों—दोनों प्रकार के वातावरणों में इसकी बहुमुखी उपयोगिता को प्रदर्शित करता है।
संसद डिजिटल पुस्तकालय
संसद डिजिटल पुस्तकालय संसदीय अभिलेखों की एकीकृत रिपॉजिटरी उपलब्ध कराता है, जिसके माध्यम से उपयोगकर्ता संसदीय बहसों, समिति प्रतिवेदनों, बजट भाषणों तथा अन्य संसदीय दस्तावेजों को एक ही मंच पर खोज सकते हैं। यह रिपॉजिटरी सूचना की उपलब्धता को सुदृढ़ करते हुए पारदर्शिता और जनभागीदारी को भी प्रोत्साहित करती है।
इंडिया कोड
इंडिया कोड एक केंद्रीकृत विधायी रिपॉजिटरी के रूप में कार्य करता है, जिसमें केंद्र तथा राज्य सरकारों के अधिनियम, नियम, विनियम और अधिसूचनाएँ उपलब्ध हैं। प्रमाणीकरण-आधारित प्रकाशन कार्यप्रवाहों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि उपयोगकर्ताओं को सत्यापित तथा अद्यतन विधायी जानकारी प्राप्त हो।
राज्यसभा डिजिटल रिपॉजिटरी
राज्यसभा डिजिटल रिपॉजिटरी वर्ष 1952 से अब तक की संसदीय बहसों और कार्यवाहियों का संरक्षण करती है। इसकी उन्नत खोज सुविधाएँ उपयोगकर्ताओं को विभिन्न खोज मानदंडों के आधार पर संसदीय इतिहास के दशकों पुराने अभिलेखों तक पहुँच प्रदान करती हैं।
राज्यसभा सचिवालय आंतरिक रिपॉजिटरी
यही मंच सुरक्षित आंतरिक रिपॉजिटरियों का भी समर्थन करता है, जहाँ संगठनात्मक आवश्यकताओं के अनुसार अभिगम को नियंत्रित किया जाता है। यह कार्यान्वयन दर्शाता है कि विन्यास-आधारित अभिगम प्रबंधन के माध्यम से वेदिका सार्वजनिक अभिलेखागारों तथा गोपनीय संस्थागत रिपॉजिटरियों—दोनों का प्रभावी समर्थन कर सकती है।
प्रभाव
अभिलेखों के व्यवस्थित संरक्षण तथा त्वरित पुनर्प्राप्ति को सक्षम बनाकर वेदिका सरकारी संगठनों को भौतिक भंडारण पर निर्भरता कम करने, सूचनाओं तक पहुँच बेहतर बनाने तथा भावी पीढ़ियों के लिए संस्थागत स्मृति के संरक्षण में सहायता प्रदान करती है।
इससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि वेदिका स्थिर अभिलेखों को ऐसे सुलभ ज्ञान-संसाधनों में परिवर्तित करती है जो सुशासन, अनुसंधान, पारदर्शिता तथा सूचित निर्णय-निर्माण को सशक्त बनाते हैं।
निष्कर्ष
जैसे-जैसे सरकारें डिजिटल-प्रथम प्रशासन को अपनाती जा रही हैं, सूचनाओं का प्रभावी संरक्षण और प्रबंधन एक रणनीतिक आवश्यकता बन गया है।
वेदिका एक संरचित, अनुकूलनीय और सिद्ध डिजिटल अभिलेखीकरण एवं दस्तावेज प्रबंधन मंच प्रदान करती है, जो संगठनों को ऐसे रिपॉजिटरी विकसित करने में सहायता करता है जो ज्ञान का संरक्षण करें, खोजयोग्यता बढ़ाएँ और सुशासन को सुदृढ़ बनाएं।
वैश्विक स्तर पर विश्वसनीय रिपॉजिटरी आधार पर निर्मित तथा सरकारी संस्थाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप अनुकूलित, वेदिका दस्तावेज भंडारण से दीर्घकालिक डिजिटल ज्ञान संरक्षण की दिशा में परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त कर रही है।
द्वारा संपादित: अमित अग्रवाल
लेखक / योगदानकर्ता
आशीष विक्रम अवस्थाना तकनीकी निदेशक avasthana[at]nic[dot]in
बृजेश कृष्ण शर्मा वरिष्ठ तकनीकी निदेशक brijesh[at]nic[dot]in
मुहम्मद इफ़्तेखार खान वैज्ञानिक – सी md.iftekhar[at]nic[dot]in
निवेदिता अग्रवाल वैज्ञानिक – सी nivedita.aggarwal[at]nic[dot]in
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें
आशीष विक्रम अवस्थाना
उप महानिदेशक और एचओजी
एनआईसी मुख्यालय, ए-ब्लॉक, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड,
सीजीओ कॉम्प्लेक्स, नई दिल्ली – 110003