उन्नत स्वचालन एवं डेटा इंटेलिजेंस ढाँचे पर आधारित पेंशनर सेवा पोर्टल (पीएसपी) पंजाब ने सरकारी व्यय में 8 प्रतिशत की कमी लाने के साथ-साथ फर्जी पेंशन मामलों की पहचान, दोहरी पेंशन का पता लगाने तथा पेंशन लाभों के सत्यापन को संभव बनाया है। बुद्धिमान डेटा निष्कर्षण एवं प्रसंस्करण तकनीकों के माध्यम से 3.5 लाख पेंशनभोगियों का एक केंद्रीकृत डिजिटल भंडार तैयार किया गया है, जिसमें 235 से अधिक संरचित डेटा विशेषताएँ तथा पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) अभिलेख शामिल हैं। यह परिवर्तन बिना मैनुअल डेटा प्रविष्टि, उपयोगकर्ता द्वारा पीडीएफ अपलोड अथवा बार-बार दस्तावेज़ स्कैन किए संभव हुआ है। परिणामस्वरूप पेंशन सेवाओं के सरलीकरण, कार्यालयों में व्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता में कमी तथा सभी हितधारकों के बीच निर्बाध संवाद के लिए एक मापनीय डिजिटल आधार तैयार हुआ है।
पेंशनर सेवा पोर्टल (पीएसपी) पंजाब पंजाब सरकार की एक प्रमुख डिजिटल सुशासन पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पारदर्शी, दक्ष एवं नागरिक-केंद्रित पेंशन सेवाएँ उपलब्ध कराना है। यह पोर्टल एक सुरक्षित एवं एकीकृत डिजिटल मंच प्रदान करता है, जिसके माध्यम से पेंशनभोगी कहीं भी और कभी भी पेंशन संबंधी सेवाओं एवं सूचनाओं तक पहुँच सकते हैं। साथ ही, यह फर्जी एवं दोहरी पेंशन भुगतान पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करता है।
पंजाब सरकार के वित्त विभाग (कोषागार एवं लेखा) द्वारा संचालित यह पोर्टल पेंशन प्रक्रिया के संपूर्ण कार्यप्रवाह का डिजिटलीकरण एवं सरलीकरण करता है। इससे मैनुअल हस्तक्षेप में कमी आती है, कार्यालयों के चक्कर घटते हैं तथा पेंशनभोगियों एवं संबंधित हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है।
1 नवंबर, 2025 को प्रारंभ किए गए इस पोर्टल में पेंशनर सेवाएँ, ई-स्क्रॉल तथा अन्य कार्यात्मक मॉड्यूल शामिल हैं, जो परिचालन दक्षता, वित्तीय पारदर्शिता एवं सेवा वितरण को सुदृढ़ बनाते हैं। स्वचालित सत्यापन एवं प्रमाणीकरण तंत्र के माध्यम से इस प्रणाली ने जवाबदेही बढ़ाने तथा सार्वजनिक संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है।
प्रमुख विशेषताएँ
श्रेणी : घटक एकीकरण
- आधार/बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण मॉड्यूल
- कॉमन सर्विस प्लेटफॉर्म एकीकरण
- बैंकिंग संस्थाओं के साथ एकीकरण
- कार्यप्रवाह एकीकरण
श्रेणी : पेंशनर सेवाएँ
- ई-केवाईसी, अवकाश यात्रा रियायत (एलटीसी) मॉड्यूल, पेंशन पर्ची तथा फॉर्म-16
- स्व-सत्यापन मॉड्यूल
- पेंशन संशोधन मॉड्यूल
- चिकित्सा प्रतिपूर्ति मॉड्यूल
- परिवर्तन प्रबंधन मॉड्यूल
- उत्तराधिकार आवेदन
श्रेणी : प्रक्रिया स्वचालन
- ई-स्क्रॉल मॉड्यूल
- पेंशन उत्तराधिकार/पारिवारिक पेंशन मॉड्यूल
- वसूली मॉड्यूल
- पेंशन स्वीकृति प्राधिकारी मॉड्यूल
- पेंशन प्रसंस्करण मॉड्यूल
- जीवन प्रमाणन मॉड्यूल
- वित्त मॉड्यूल
- लीगेसी डेटा शुद्धीकरण एवं प्रसंस्करण मॉड्यूल
वर्ष 2025 में प्रारंभ किया गया पेंशनर सेवा पोर्टल (पीएसपी) पंजाब, पंजाब सरकार की एक प्रमुख डिजिटल सुशासन पहल है, जिसका उद्देश्य पारदर्शी, दक्ष एवं पेपरलेस पेंशन प्रसंस्करण तथा सेवाएँ उपलब्ध कराना है। यह पहल प्रत्येक पेंशनभोगी को सम्मानपूर्वक सेवाएँ प्रदान करने, उन्हें निरंतर जोड़े रखने तथा आवश्यक सूचनाएँ उपलब्ध कराने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
एल्गोरिद्म एवं डेटा विश्लेषण आधारित इस प्लेटफॉर्म ने पेंशन प्रक्रिया के संपूर्ण जीवनचक्र—प्रारंभ से लेकर भुगतान तक—को एक सुरक्षित, पेपरलेस एवं एकीकृत डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में परिवर्तित कर दिया है। मैनुअल प्रणाली से पूर्णतः डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर यह परिवर्तन रिकॉर्ड समय में संपन्न हुआ, जिससे कार्यकुशलता एवं पारदर्शिता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई तथा फर्जी पेंशन भुगतान पर प्रभावी रोक लगी।
मैं एनआईसी टीम को उनके उत्कृष्ट समर्पण, नवाचारी सोच तथा प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हार्दिक बधाई देता हूँ। उनके निरंतर प्रयासों और प्रतिबद्धता ने इस डिजिटल परिवर्तन को सफलतापूर्वक साकार करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
श्री एम. के. अरविंद आईएएस
ट्रेजरी और अकाउंट्स के निदेशकअपनाए गए नवाचार
ई-केवाईसी एवं जीवन प्रमाण-पत्र का एकीकृत प्रमाणीकरण
ओटीपी आधारित ई-केवाईसी और जीवन प्रमाण-पत्र (जेपीपी) के एकीकरण के माध्यम से दोहरे स्तर का प्रमाणीकरण सुनिश्चित किया गया है। यह प्रणाली जनसांख्यिकीय प्रमाणीकरण एवं जीवंतता सत्यापन के साथ पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) अभिलेखों का स्वतः मिलान कर फर्जी अथवा दोहरे पेंशन मामलों की पहचान करती है।
शून्य-स्पर्श डिजिटल पेंशन डेटा रूपांतरण
इंटेलीजेंट डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग का इस्तेमाल करके 3.5 लाख पेंशनभोगियों का एक सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस बनाया गया। इसमें 235 से ज्यादा स्ट्रक्चर्ड डेटा एट्रिब्यूट्स और पीपीओ रिकॉर्ड्स शामिल थे, और इसे बनाने के लिए मैनुअल डेटा एंट्री, यूजर अपलोड या बार-बार स्कैनिंग की जरूरत नहीं पड़ी।
दस्तावेज़ प्रकार का स्वचालित सत्यापन
प्रणाली दस्तावेज़ के प्रकार तथा लाभार्थी से उसकी प्रासंगिकता की स्वतः पहचान करती है और अमान्य दस्तावेज़ों को बिना मैनुअल हस्तक्षेप के अस्वीकार कर देती है। इससे दस्तावेज़ अस्वीकृति से संबंधित कार्यभार में 70 प्रतिशत की कमी आई है तथा प्रसंस्करण प्रक्रिया 10 गुना तेज हुई है।
उच्च-परिमाण प्रारंभिक परिनियोजन (टॉप-हेवी मॉडल)
प्लेटफॉर्म को आरंभ से ही उत्पादन-स्तर के ऐतिहासिक डेटा, दस्तावेज़ अभिलेखों तथा लेनदेन संबंधी रिकॉर्ड के साथ परिनियोजित किया गया है, जिससे यह वास्तविक कार्यभार को संभालने के लिए प्रारंभ से ही तैयार है।
स्तरीय डेटा प्रबंधन एवं व्यक्तिगत जानकारी के सुरक्षित संचालन हेतु डेटा टनल संरचना
डुअल-डेटाबेस डिज़ाइन सुरक्षित पीआईआई गवर्नेंस, डेटा को अलग-अलग करने, लाइफ़साइकल मैनेजमेंट और डेटा के इंजेक्शन से लेकर स्ट्रक्चर्ड स्टोरेज तक नियंत्रित मूवमेंट को संभव बनाता है, जिससे स्केलेबिलिटी और नियमों का पालन सुनिश्चित होता है।
पूर्व-सक्षम बुद्धिमान लेखा-परीक्षण एवं सत्यापन ढाँचा
प्रसंस्करण कार्यप्रवाह में स्वचालित सत्यापन प्रक्रियाएँ समाहित की गई हैं, जो स्वयं लेखा-परीक्षण, बिना मैनुअल हस्तक्षेप के अनुपालन तथा न्यूनतम लेखा-परीक्षण प्रयास सुनिश्चित करती हैं।
आधार पारिस्थितिकी तंत्र का एकीकरण एवं व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षा ढाँचा
प्रणाली में मास्किंग, डेटा अस्पष्टीकरण तथा सुरक्षित डेटा प्रबंधन जैसी अंतर्निहित व्यवस्थाएँ उपलब्ध हैं, जो आधार से संबद्ध सूचनाओं के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यू.आई.डी.ए.आई) के दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करती हैं।
डेटा-संचालित डेटाबेस संरचना
दस्तावेज़-उन्मुख एवं स्कीमा-रहित डेटाबेस संरचना के माध्यम से बड़ी मात्रा में असंरचित एवं अर्द्ध-संरचित डेटा का कुशल भंडारण एवं त्वरित पुनर्प्राप्ति सुनिश्चित की जाती है। इससे प्रणाली की मापनीयता, प्रदर्शन एवं डेटा प्रबंधन क्षमता में वृद्धि होती है।
इस्तेमाल की गई तकनीकेें
| घटक | प्रयुक्त प्रौद्योगिकी/उपकरण |
|---|---|
| एप्लिकेशन/बिजनेस लेयर | .NET Core (MVC) |
| डेटाबेस लेयर | PostgreSQL एवं MongoDB |
| निगरानी एवं ऑब्ज़र्वेबिलिटी | Zabbix (ओपन सोर्स) |
| पहचान एवं अभिगम प्रबंधन | Keycloak (ओपन सोर्स) |
| विशेषाधिकार प्राप्त पहचान/अभिगम प्रबंधन (PIM/PAM) | PAM 360 |
| लोड बैलेंसिंग एवं उच्च उपलब्धता | HAProxy |
| डेवऑप्स एवं CI/CD स्वचालन | Jenkins / GitLab |
| सॉफ्टवेयर परीक्षण एवं गुणवत्ता आश्वासन | JMeter / Postman |
| भेद्यता एवं सुरक्षा परीक्षण | ZAP एवं Burp Suite Professional |
| लॉग निगरानी एवं धोखाधड़ी पहचान | इन-हाउस विकसित उपकरण |
मानक प्रतिवेदन
सभी प्रतिवेदन एक केंद्रीकृत टेम्पलेट ढाँचे के अनुरूप तैयार किए जाते हैं तथा उनमें मेटाडेटा, डिजिटल वॉटरमार्क एवं अनुपालन संबंधी घोषणाएँ सम्मिलित रहती हैं, जिससे डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (डीडीपीए) तथा यू.आई.डी.ए.आई के दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित होता है।
लाभ
आधार-सक्षम डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र में परिवर्तन
पी.एस.पी लागू होने के बाद वर्ष 2026 में डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र (डीएलसी) को अपनाने की दर 6 प्रतिशत से बढ़कर 90 प्रतिशत हो गई। आधार आधारित प्रमाणीकरण के माध्यम से लगभग 20,000 से 25,000 फर्जी अथवा अपात्र पेंशन अभिलेखों की पहचान कर उन्हें प्रणाली से हटाने में सहायता मिली।
वास्तविक समय में पेंशन बंद करने की कार्यप्रवाह प्रणाली
मृत्यु, विवाह अथवा आय सीमा से संबंधित निर्धारित शर्तों के सत्यापित होने पर, बाहरी रजिस्ट्रियों के साथ एकीकरण के माध्यम से पेंशन भुगतान स्वतः बंद कर दिया जाता है। प्रणाली अतिरिक्त भुगतान की भी पहचान करती है तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई प्रारंभ करती है।
डिजिटल पेंशन फॉरेंसिक एवं इंटेलिजेंस इंजन
30 से 40 वर्ष पूर्व जारी किए गए पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) अभिलेखों का उपयोग करते हुए यह प्रणाली पेंशन अधिकारों का सटीक पुनर्निर्माण एवं सत्यापन करती है। साथ ही वेतन आयोगों के अनुसार पेंशन संशोधन, महँगाई राहत (डीए) के बकाया तथा अन्य वित्तीय गणनाओं को स्वचालित करती है। यह अतिरिक्त भुगतान की पहचान, बैंक ई-स्क्रॉल के माध्यम से वसूली के सत्यापन तथा संपूर्ण डिजिटल लेखा-परीक्षण अभिलेख के रखरखाव की सुविधा भी प्रदान करती है।
लेखा-परीक्षण एवं अनुरेखण ढाँचा
यह प्रणाली सेवानिवृत्ति से लेकर पारिवारिक पेंशन तक संपूर्ण वित्तीय प्रक्रिया का एंड-टू-एंड लेखा-परीक्षण सुनिश्चित करती है। इसके माध्यम से महालेखाकार (एजी) कार्यालय, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) तथा अन्य संबंधित संस्थाओं के लिए आवश्यक वैधानिक प्रतिवेदन, लेखे एवं दस्तावेज़ बिना किसी मैनुअल डेटा प्रविष्टि के स्वतः तैयार किए जाते हैं।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित विश्लेषणात्मक डैशबोर्ड
यह डैशबोर्ड वास्तविक समय के विश्लेषण, पूर्वानुमान आधारित आँकड़ों तथा बुद्धिमान निर्णय-सहायता सुविधाओं के माध्यम से पेंशन प्रशासन को अधिक सक्रिय, प्रभावी एवं वित्तीय प्रबंधन को अधिक सक्षम बनाता है।
आगे की राह
पी.एस.पी पंजाब के भावी विकास की रूपरेखा के अंतर्गत चेहरा प्रमाणीकरण (फेस ऑथेंटिकेशन) आधारित मोबाइल ऐप विकसित किया जाएगा, जिसके माध्यम से ई-केवाईसी तथा डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र एक क्लिक में प्रस्तुत किए जा सकेंगे। इससे मैनुअल प्रक्रियाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा पेंशनभोगियों के लिए सेवाएँ और अधिक सुविधाजनक बनेंगी।
डेटा विश्लेषण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तथा मशीन लर्निंग (एमएल) का उपयोग करते हुए भविष्य में इस प्लेटफॉर्म को एआई-संचालित पेंशन सहायक से भी सुसज्जित किया जाएगा, जो स्वाभाविक संवाद (नेचुरल कन्वर्सेशन) के माध्यम से पेंशनभोगियों को आवश्यक जानकारी एवं सेवाएँ उपलब्ध कराएगा। इन पहलों के माध्यम से पी.एस.पी पंजाब को एक बुद्धिमान, नागरिक-केंद्रित डिजिटल सुशासन मंच के रूप में विकसित किया जाएगा, जो त्वरित सेवा वितरण, शिकायतों के शीघ्र निवारण तथा पेंशनभोगियों की संतुष्टि को और सुदृढ़ करते हुए डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगा।
द्वारा संपादित: विनोद कुमार गर्ग
लेखक / योगदानकर्ता
विवेक वर्मा उप महानिदेशक एवं एसआईओ vivek.verma[at]nic[dot]in
अनूप कुमार जलाली वरिष्ठ तकनीकी निदेशक एवं एचओडी anoop.jalali[at]nic[dot]in
नरिंदर सिंह वरिष्ठ तकनीकी निदेशक narinder.singh[at]nic[dot]in
अनिल कटियार वैज्ञानिक – डी katiyar.anil[at]nic[dot]in
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राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी
एनआईसी पंजाब राज्य केंद्र
कमरा नंबर 31, पंजाब सिविल सचिवालय
सेक्टर-1, चंडीगढ़ – 160001