समाचार में जनवरी 2026

माननीय केंद्रीय मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी द्वारा एन.एच.आई.एम.एस. का शुभारंभ

माननीय केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी द्वारा एन.एच.आई.एम.एस. का शुभारंभ माननीय केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी द्वारा एन.एच.आई.एम.एस. का शुभारंभ किया गया।

माननीय केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने आज नेशनल हाइड्रोकार्बन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर मॉनिटरिंग सिस्टम (एन.एच.आई.एम.एस.) का शुभारंभ किया। यह एक अग्रणी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है, जिसे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पी.एन.जी.आर.बी.) के लिए विकसित किया गया है।

एन.एच.आई.एम.एस. प्लेटफ़ॉर्म भारत के ऊर्जा अवसंरचना प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतीक है। यह देशभर में तेल और गैस परिसंपत्तियों की रियल-टाइम दृश्यता और निगरानी के लिए एक एकीकृत, डेटा-आधारित इंटरफ़ेस प्रदान करता है। यह विभिन्न स्रोतों से प्राप्त स्थानिक (स्पेशियल) और परिचालन डेटा को एक मंच पर एकत्र करता है, जिससे नीति-निर्माताओं, नियामकों और उद्योग से जुड़े हितधारकों को बेहतर निर्णय लेने हेतु उपयोगी और व्यवहारिक जानकारियाँ प्राप्त होती हैं।

शुभारंभ के अवसर पर अपने संबोधन में श्री पुरी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लक्ष्यों को प्राप्त करने में प्रौद्योगिकी-आधारित शासन के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एन.एच.आई.एम.एस. हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में “पारदर्शिता, दक्षता और रणनीतिक योजना” को सशक्त करेगा, साथ ही केंद्र और राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय को भी और अधिक मजबूत बनाएगा।

यह प्रणाली इंटरैक्टिव जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) आधारित मैपिंग, प्रदर्शन डैशबोर्ड और विश्लेषणात्मक टूल्स उपलब्ध कराती है। इसके माध्यम से पाइपलाइनों, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, रिफाइनरियों, टर्मिनलों तथा अन्य प्रमुख अवसंरचना घटकों की प्रभावी निगरानी की जा सकती है। एनआईसी द्वारा पी.एन.जी.आर.बी. के साथ निकट सहयोग में विकसित यह प्लेटफ़ॉर्म साक्ष्य-आधारित नियामक निगरानी को समर्थन देने और संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

इस अवसर पर पी.एन.जी.आर.बी. के अध्यक्ष सहित पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा एनआईसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह पहल भारत सरकार की “डिजिटल इंडिया” और “ऊर्जा आत्मनिर्भरता” की व्यापक परिकल्पना के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी के माध्यम से सभी के लिए सतत, सुरक्षित और सुलभ ऊर्जा उपलब्ध कराना है।

एन.एच.आई.एम.एस. के शुभारंभ के साथ, भारत ने हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में एक डिजिटल रूप से एकीकृत, पारदर्शी और सुदृढ़ ऊर्जा पारितंत्र के निर्माण की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाया है, जो अवसंरचना शासन के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगा।

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