केंद्र शासित प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर, 31 अक्टूबर 2025 को, लद्दाख के माननीय उपराज्यपाल श्री कविंदर गुप्ता ने डिजिटल गवर्नेंस से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ किया। इनमें राज निवास लद्दाख की वेबसाइट, ऑनलाइन भवन अनुमति एवं अधिभोग प्रणाली, तथा स्वागतम पोर्टल पर राज निवास लद्दाख का ऑनबोर्डिंग शामिल हैं।
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा विकसित और कार्यान्वित की गई ये पहलें केंद्र शासित प्रदेश की पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। ये डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म निर्बाध तकनीकी एकीकरण के माध्यम से सार्वजनिक सेवाओं की उपलब्धता, दक्षता और समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए सेवा वितरण को और अधिक सशक्त बनाते हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात लद्दाख के मुख्य सचिव डॉ. पवन कोतवाल (आईएएस) ने अपने संबोधन में प्रशासन द्वारा शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण को बेहतर बनाने हेतु प्रौद्योगिकी-आधारित समाधानों को अपनाने में हुई प्रगति पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रशासनिक सचिवों, निदेशकों, राज निवास एवं केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के अधिकारियों तथा एनआईसी के अधिकारी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में माननीय उपराज्यपाल श्री कविंदर गुप्ता ने शासन में परिवर्तन लाने और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार हेतु डिजिटल पहलों की अहम भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ये ई-सेवाएँ प्रशासन की दक्षता, पारदर्शिता और त्वरित प्रतिक्रिया के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं तथा सरकार और लद्दाख के नागरिकों के बीच विश्वास को और मजबूत करती हैं।
एनआईसी द्वारा विकसित इन प्लेटफ़ॉर्मों का शुभारंभ लद्दाख में ई-गवर्नेंस नवाचारों पर बढ़ते फोकस को रेखांकित करता है। यह पहल डिजिटल इंडिया की परिकल्पना के अनुरूप है और एक डिजिटल रूप से सशक्त, नागरिक-अनुकूल प्रशासन के निर्माण की दिशा में केंद्र शासित प्रदेश के संकल्प को और सुदृढ़ करती है।

