भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आर.बी.एस.के.) 2.0 के अद्यतन दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनमें डिजिटल स्वास्थ्य प्रणालियों, रियल-टाइम निगरानी तथा एकीकृत स्वास्थ्य सेवा वितरण पर विशेष बल दिया गया है।
संशोधित ढांचा कार्यक्रम के 4डी दृष्टिकोण जन्म दोष, रोग, कमी तथा विकासात्मक विलंब—को आगे बढ़ाते हुए गैर-संचारी रोगों, मानसिक स्वास्थ्य तथा बच्चों और किशोरों में व्यवहार संबंधी समस्याओं को भी शामिल करता है।
आर.बी.एस.के. 2.0 के अंतर्गत मोबाइल स्वास्थ्य दल आंगनवाड़ी केन्द्रों और विद्यालयों में स्वास्थ्य जांच जारी रखेंगे। साथ ही, संरचित डिजिटल ट्रैकिंग तंत्र के माध्यम से रेफरल प्रणाली और उपचार की निरंतरता को भी सुदृढ़ किया जाएगा।
नए दिशानिर्देशों में डिजिटल हेल्थ कार्ड, रियल-टाइम डेटा सिस्टम तथा एकीकृत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म शामिल किए गए हैं, जिससे कार्यक्रम की निगरानी, पारदर्शिता तथा डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सके। यह ढांचा स्वास्थ्य, शिक्षा तथा महिला एवं बाल विकास क्षेत्रों के बीच समन्वय को भी प्रोत्साहित करता है, ताकि बच्चों के लिए प्रारंभिक हस्तक्षेप और दीर्घकालिक स्वास्थ्य परिणामों को मजबूत किया जा सके।