मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ई-कैबिनेट प्रणाली का औपचारिक शुभारंभ किया, जो राज्य में डिजिटल शासन और पेपरलेस प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर माननीय उपमुख्यमंत्री तथा अन्य माननीय कैबिनेट मंत्रीगण भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने जानकारी दी कि आगामी दो से तीन कैबिनेट बैठकें हाइब्रिड मोड में आयोजित की जाएंगी, जिनमें भौतिक और डिजिटल दोनों प्रकार की भागीदारी होगी। इसके बाद कैबिनेट बैठकों को ई-कैबिनेट प्लेटफॉर्म के माध्यम से पूर्णतः ऑनलाइन आयोजित करने की योजना है, जिससे निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज़ और प्रभावी होगी।
ई-कैबिनेट प्रणाली को कैबिनेट बैठकों की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इसमें एजेंडा प्रसारण, नोट साझा करना, दस्तावेज़ों तक सुरक्षित पहुँच और निर्णयों का रिकॉर्ड जैसे सभी कार्य ऑनलाइन किए जा सकेंगे। इससे कागज़ के उपयोग में कमी आएगी, विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा तथा मंत्रियों को आवश्यक दस्तावेज़ समय पर और सुरक्षित रूप से उपलब्ध हो सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान एनआईसी के वरिष्ठ निदेशक श्री अमित जैन ने मंत्रिपरिषद के समक्ष ई-कैबिनेट प्रणाली का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। प्रस्तुतीकरण में इस प्रणाली की प्रमुख विशेषताओं, कार्यप्रवाह और सुशासन में इसके लाभों पर प्रकाश डाला गया। यह सत्र एनआईसी मध्यप्रदेश के उप महानिदेशक एवं राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी (एसआईओ) श्री कमलेश जोशी तथा संयुक्त निदेशक श्री मनीष मालवीय की उपस्थिति में आयोजित किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, ई-कैबिनेट प्रणाली के कार्यान्वयन से सरकारी निर्णय प्रक्रिया में दक्षता, पारदर्शिता और गति में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा यह मध्यप्रदेश शासन की प्रशासनिक प्रक्रियाओं के डिजिटल रूपांतरण को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

