माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 26 सितंबर 2025 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़-प्रभावित जम्मू एवं कश्मीर के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 21वीं किस्त जारी की।
इस किस्त के अंतर्गत केंद्र शासित प्रदेश के 8.5 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹170 करोड़ से अधिक की राशि सीधे अंतरित की गई। यह पहल किसान कल्याण, आपदा-उपरांत पुनर्स्थापन, तथा वित्तीय समावेशन के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ करती है।
इस निर्बाध और पारदर्शी राशि अंतरण में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एनआईसी द्वारा विकसित सुदृढ़ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और सुरक्षित आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) अवसंरचना के माध्यम से पीएम-किसान योजना के अंतर्गत लाभों का रियल-टाइम, पारदर्शी और त्रुटि-रहित वितरण सुनिश्चित हुआ। डेटा एकीकरण, लाभार्थी सत्यापन से लेकर सुरक्षित भुगतान प्रक्रिया तक—एनआईसी की तकनीकी रीढ़ ने दूरदराज़ और बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों में भी प्रत्येक पात्र किसान तक सहायता शीघ्रता से पहुँचाने में निर्णायक योगदान दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री चौहान ने जम्मू एवं कश्मीर के किसानों के धैर्य और संकल्प की सराहना की तथा एनआईसी द्वारा विकसित डिजिटल गवर्नेंस टूल्स की प्रशंसा की, जिनके माध्यम से पीएम-किसान जैसी योजनाएँ बिना किसी बिचौलिए के सीधे लाभार्थियों तक पहुँच पाती हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रौद्योगिकी-आधारित पहलें प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर कृषि के दृष्टिकोण को साकार करती हैं।
इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, जम्मू एवं कश्मीर सरकार तथा एनआईसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 21वीं किस्त का यह वितरण किसानों को सशक्त बनाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और प्रौद्योगिकी-आधारित शासन के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार की यात्रा का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है।

