डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में असम ने एक नया राष्ट्रीय मानक स्थापित किया है। सेवा सेतु प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से डिजिलॉकर के साथ राज्य की सभी ई-सेवाओं का पूर्ण (100%) एकीकरण कर असम, डिजिटल इंडिया मिशन के अंतर्गत भारत के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है।
डिजिलॉकर, जो इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) की एक प्रमुख पहल है, ने अक्टूबर 2025 में असम सरकार को सर्वाधिक संख्या में एकीकृत ई-सेवाओं वाला राज्य घोषित किया। इस उपलब्धि को डिजिलॉकर द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर व्यापक रूप से सराहा गया, जिसमें पूरी टीम और नागरिकों की डिजिटल परिवर्तन को अपनाने तथा पेपरलेस गवर्नेंस को साकार करने की प्रतिबद्धता की प्रशंसा की गई।
यह महत्वपूर्ण उपलब्धि असम सरकार के नागरिक सेवा वितरण मंच सेवा सेतु के माध्यम से संभव हो सकी, जिसे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी), असम राज्य इकाई के तकनीकी मार्गदर्शन में कार्यान्वित किया गया है। इस प्लेटफ़ॉर्म ने डिजिलॉकर के साथ निर्बाध एकीकरण को सक्षम बनाते हुए राज्य के डिजिटल इकोसिस्टम को और सशक्त किया तथा असम की पूर्ण डिजिटल सशक्तिकरण की यात्रा को गति प्रदान की।
प्रारंभ में सेवा सेतु को 505 सेवाओं के साथ डिजिलॉकर से जोड़ा गया था। बाद में 57 अतिरिक्त सेवाओं के एकीकरण के साथ कुल सेवाओं की संख्या 562 हो गई। इस उपलब्धि के परिणामस्वरूप नागरिक अब आवश्यक दस्तावेज़ों और प्रमाणपत्रों तक सुरक्षित, पूरी तरह पेपरलेस माध्यम से पहुँच बना सकते हैं, जिससे सार्वजनिक सेवा वितरण में दक्षता, पारदर्शिता और विश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
4 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (एनईजीडी) एवं एमईआईटीवाई द्वारा आयोजित डिजिलॉकर राष्ट्रीय सम्मेलन में असम को विभिन्न सेवाओं में बड़े पैमाने पर डिजिलॉकर के सफल कार्यान्वयन हेतु ‘इंटीग्रेशन एक्सीलेंस’ सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान बेहतर सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में राज्य के प्रयासों को मान्यता देता है।
यह उपलब्धि उन्नत डिजिटल समाधानों को अपनाने और सार्वजनिक सेवा वितरण में परिवर्तनकारी सुधार लाने में असम की नेतृत्वकारी भूमिका को रेखांकित करती है। यह असम सरकार के दूरदर्शी नेतृत्व, डिजिटल गवर्नेंस से जुड़ी टीमों के सामूहिक प्रयासों तथा एनआईसी असम के तकनीकी मार्गदर्शन में सेवा सेतु टीम की निर्णायक भूमिका का प्रमाण है, जिसने नागरिक सशक्तिकरण हेतु बड़े पैमाने पर ई-सेवा एकीकरण को संभव बनाया।

