एनआईसी असम द्वारा विकसित “सेवा सेतु शिकायत प्रबंधन ढांचा” एक एन8एन-संचालित एजेंटिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता समाधान है, जो शिकायतों के वर्गीकरण, रूटिंग और समाधान की प्रक्रिया को स्वचालित बनाता है। इंटेंट इन्फरेंस के लिए फाइन-ट्यून किए गए रोबर्टा मॉडल का उपयोग करते हुए यह प्रणाली “ज़ीरो-टच” भुगतान समाधान, बुद्धिमान सेवा-विलंब निगरानी तथा स्वचालित तकनीकी टिकट प्रबंधन सक्षम करती है। यह ढांचा शिकायत वर्गीकरण की सटीकता बढ़ाता है, समाधान समय कम करता है, एसएलए अनुपालन को मजबूत बनाता है तथा सक्रिय और नागरिक-केंद्रित डिजिटल शासन को बढ़ावा देता है।
पारंपरिक शिकायत प्रबंधन प्रक्रियाएँ मुख्यतः मैनुअल ट्रायेजिंग और स्थिर नियम-आधारित कार्यप्रवाहों पर निर्भर रहती हैं। इसके कारण ऐसे “फ्रिक्शन पॉइंट्स” उत्पन्न होते हैं, जहाँ उपयोगकर्ता द्वारा चुनी गई श्रेणियों और वास्तविक आशय के बीच असंगति के चलते शिकायतों की गलत रूटिंग, लंबित प्रसंस्करण कतारें तथा एसएलए उल्लंघन जैसी समस्याएँ सामने आती हैं।
सेवा सेतु sewasetu.assam.gov.in जैसे नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण प्लेटफॉर्म, जो वर्तमान में प्रतिदिन 10,000 से अधिक आवेदनों को संभालते हैं, वहाँ बड़ी संख्या में शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी समाधान एक महत्वपूर्ण चुनौती बना हुआ है। वेब पोर्टल, ई-मेल और कॉल सेंटर जैसे विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतें असंरचित डाटा की निरंतर धारा उत्पन्न करती हैं।
इस चुनौती से निपटने के लिए एनआईसी असम ने एन8एन को केंद्रीय ऑर्केस्ट्रेशन लेयर के रूप में उपयोग करते हुए एजेंटिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिकायत प्रबंधन ढांचा विकसित किया। यह ढांचा सेवा सेतु शिकायत डाटासेट पर फाइन-ट्यून किए गए बर्ट-आधारित ट्रांसफॉर्मर मॉडल का उपयोग करता है, जो असंरचित शिकायत पाठ का विश्लेषण कर वास्तविक आशय और संदर्भ की सटीक पहचान करता है, साथ ही सरकारी अवसंरचना के भीतर डाटा सुरक्षा सुनिश्चित करता है। इससे शिकायतों की पूर्वनिर्धारित कार्यप्रवाहों में गतिशील रूटिंग संभव होती है।
इस ढांचे के माध्यम से:
- भुगतान संबंधी शिकायतों का “ज़ीरो-टच” स्वचालित समाधान किया जाता है, जहाँ प्रणाली भुगतान गेटवे से जानकारी सत्यापित कर सफल लेनदेन को बिना मानवीय हस्तक्षेप के बंद कर देती है।
- सेवा-विलंब से संबंधित मामलों को 24 घंटे के बैच में संकलित कर विभागीय समीक्षा और निगरानी हेतु स्वचालित रूप से भेजा जाता है।
- तकनीकी समस्याओं को स्वतः संबंधित डेवलपर्स को आवंटित किया जाता है और उन्हें Jira या Taiga जैसे परियोजना प्रबंधन प्लेटफॉर्म पर ट्रैक योग्य टिकटों में परिवर्तित किया जाता है।
यह ऑर्केस्ट्रेशन ढांचा 90 प्रतिशत से अधिक ट्रायेज सटीकता के साथ मैनुअल प्रयासों को उल्लेखनीय रूप से कम करता है और शिकायत निवारण की प्रक्रिया को प्रतिक्रियात्मक मॉडल से सक्रिय सेवा-स्तरीय शासन की दिशा में परिवर्तित करता है।
प्रस्तावित समाधान
यह ढांचा पारंपरिक रैखिक और नियम-आधारित शिकायत प्रबंधन प्रणाली के स्थान पर एन8एन पर आधारित एक केंद्रीकृत एजेंटिक ऑर्केस्ट्रेशन लेयर प्रदान करता है। एन8एन एक लो-कोड वर्कफ़्लो इंजन के रूप में कार्य करता है, जो विभिन्न प्रणालियों के बीच शिकायत प्राप्ति, बुद्धिमान निर्णय-निर्माण और आगे की प्रक्रियाओं का समन्वय करता है।
टिकटिंग प्लेटफॉर्म, संचार माध्यमों और बाहरी एपीआई के साथ सहज एकीकरण के माध्यम से यह ढांचा बिना जटिल कस्टम कोड की आवश्यकता के अत्यधिक कॉन्फ़िगर योग्य बना रहता है।
यह समाधान केवल साधारण स्वचालन तक सीमित नहीं है, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित इंटेंट इन्फरेंस को गतिशील निष्पादन के साथ जोड़ता है। नियमित मामलों का समाधान स्वचालित रूप से किया जाता है, जबकि जटिल मामलों को पूर्ण संदर्भ और ऑडिट ट्रैकिंग के साथ संबंधित टीमों को भेजा जाता है।
समाधान दृष्टिकोण
इस ढांचे को एक मानकीकृत चार-चरणीय प्रक्रिया के माध्यम से लागू किया गया है: एपीआई हैंडशेक, पेलोड मैपिंग, लॉजिक कॉन्फ़िगरेशन और डैशबोर्ड सिंक्रोनाइज़ेशन। चित्र-1 में दर्शाए अनुसार, जैसे ही कोई शिकायत दर्ज होती है, सुरक्षित वेबहुक के माध्यम से कार्यप्रवाह सक्रिय हो जाता है और चार अलग-अलग स्तरों में स्वचालित प्रोसेसिंग पाइपलाइन प्रारंभ हो जाती है।
चित्र 8.2: शिकायत डैशबोर्ड
शिकायत प्री-प्रोसेसिंग और संज्ञानात्मक वर्गीकरण
संज्ञानात्मक स्तर पर सेवा सेतु शिकायत डाटासेट पर फाइन-ट्यून किया गया रोबर्टा मॉडल, जो बर्ट आधारित पूर्व-प्रशिक्षित मॉडल का उन्नत संस्करण है, कच्चे शिकायत पाठ का विश्लेषण कर उसे तीन प्रमुख श्रेणियों — भुगतान संबंधी, सेवा विलंब और तकनीकी शिकायतों — में वर्गीकृत करता है।
- इंटेंट इन्फरेंस: मॉडल को ऐतिहासिक डाटा पर प्रशिक्षित किया गया है ताकि यह सामान्य शब्दावली और विफलता परिदृश्यों की पहचान कर सके। इससे ड्रॉपडाउन चयन गलत होने पर भी उपयोगकर्ता के वास्तविक आशय का सही अनुमान लगाया जा सकता है।
- डाटा रेजिडेंसी: स्थानीय निष्पादन यह सुनिश्चित करता है कि संवेदनशील सरकारी डाटा सुरक्षित अवसंरचना के भीतर ही रहे, साथ ही लगभग रियल-टाइम विश्लेषण भी उपलब्ध हो सके।
- डायनेमिक निर्णय-निर्माण: यह स्तर उपयोगकर्ता द्वारा दिए गए त्रुटिपूर्ण इनपुट को अनदेखा कर सटीक संदर्भ ऑर्केस्ट्रेशन प्रवाह को प्रदान करता है, जहाँ शिकायतों की रूटिंग और आवश्यक कार्रवाई गतिशील रूप से निर्धारित की जाती है।
बहु-पथ कार्यप्रवाह निष्पादन
ऑर्केस्ट्रेशन लेयर तीन प्रमुख कार्यप्रवाहों के लिए निर्णय-तर्क, पुनः प्रयास तथा स्थिति ट्रैकिंग का प्रबंधन करती है:
- भुगतान संबंधी शिकायतें (ज़ीरो-टच): प्रणाली भुगतान गेटवे से लेनदेन की स्थिति की पुष्टि करती है। सफल लेनदेन स्वतः बंद कर दिए जाते हैं और नागरिकों को एसएमएस सूचना भेजी जाती है। वहीं, असफल या संदिग्ध मामलों को आगे की जाँच के लिए Jira या Taiga जैसे परियोजना प्रबंधन प्लेटफॉर्म पर ट्रैक योग्य टिकट के रूप में सेवा इंजीनियरों को भेजा जाता है।
- सेवा विलंब मामले (बुद्धिमान समेकन): व्यक्तिगत अलर्ट भेजने के बजाय इन मामलों को 24 घंटे के बैच में संकलित किया जाता है। इसके बाद विभागों को निर्धारित सुबह की रिपोर्ट ई-मेल के माध्यम से भेजी जाती है, जिससे अत्यधिक सूचनाओं के दबाव के बिना व्यवस्थित अनुवर्ती कार्रवाई सुनिश्चित होती है।
- तकनीकी समस्याएँ (अपवाद रूटिंग): तकनीकी समस्याओं को सीधे संबंधित सेवा इंजीनियरों को मैप किया जाता है। Taiga या Jira में संरचित टिकट तैयार किए जाते हैं तथा संबंधित हितधारकों को स्लैक या प्रत्यक्ष संदेशों के माध्यम से तुरंत सूचित किया जाता है।
सिंक्रोनाइज़ेशन, स्थायित्व और डैशबोर्डिंग
एक्शन लेयर निरंतर सिंक्रोनाइज़ेशन के माध्यम से टिकटिंग प्रक्रिया में उत्पन्न होने वाले “ब्लैक होल” को समाप्त करती है।
- स्वचालित समापन: प्रणाली बाहरी प्लेटफॉर्म की निरंतर निगरानी करती है। जब कोई इंजीनियर टिकट बंद करता है, तब एन8एन समाधान संबंधी टिप्पणियाँ प्राप्त कर मूल शिकायत रिकॉर्ड को रियल-टाइम में अपडेट कर देता है।
- प्रक्रिया स्थायित्व: स्टेट पर्सिस्टेंस और ऑटो-रिट्राई लॉजिक यह सुनिश्चित करते हैं कि बाहरी प्रणाली में व्यवधान आने पर भी कोई डाटा नष्ट न हो।
- एकीकृत विश्लेषण: शिकायत विश्लेषण डैशबोर्ड, जैसा कि चित्र-2 में दर्शाया गया है, कुल मामलों, समाधान दरों और श्रेणी-स्तरीय रुझानों का समेकित दृश्य प्रदान करता है। उदाहरण के लिए अप्रैल 2026 में प्राप्त 1,722 शिकायतों का विश्लेषण डैशबोर्ड पर उपलब्ध कराया गया। यह दृश्यता प्रणालीगत समस्याओं की प्रारंभिक पहचान कर सक्रिय हस्तक्षेप को सक्षम बनाती है।
नियंत्रण और विश्वसनीयता
यह ढांचा केवल साधारण स्वचालन तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी स्तर की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रिया स्थायित्व को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इसके प्रमुख नियंत्रण तंत्र निम्नलिखित हैं:
- एसएलए आधारित एस्केलेशन: स्वचालित निगरानी प्रणाली प्रतिक्रिया समय-सीमा के उल्लंघन होने पर स्वतः एस्केलेशन सक्रिय कर देती है।
- कॉन्फ़िगर योग्य रूटिंग: विभाग-विशिष्ट लॉजिक और स्वामित्व नियमों को एन8एन के भीतर बिना मूल कोड में परिवर्तन किए अद्यतन किया जा सकता है।
- मल्टी-चैनल सूचनाएँ: हितधारकों को ई-मेल, स्लैक, एसएमएस तथा समर्पित डैशबोर्ड के माध्यम से सूचनाएँ प्राप्त होती हैं।
- स्टेट पर्सिस्टेंस: अंतर्निहित स्टेट पर्सिस्टेंस यह सुनिश्चित करता है कि यदि कोई बाहरी प्रणाली विफल हो जाए तो कार्यप्रवाह अंतिम रिकॉर्ड की गई स्थिति से पुनः प्रारंभ हो सके, जिससे डाटा हानि शून्य बनी रहे।
प्रदर्शन प्रभाव एवं मापदंड
सेवा सेतु में इस ढांचे के कार्यान्वयन ने मैनुअल ट्रायेजिंग को समाप्त कर परिचालन कार्यप्रणाली में मूलभूत परिवर्तन किया है। एजेंटिक ढांचे ने नियम-आधारित बाधाओं को बुद्धिमान ऑर्केस्ट्रेशन से प्रतिस्थापित किया है, जिसके परिणामस्वरूप निम्नलिखित प्रदर्शन सुधार प्राप्त हुए हैं:
| प्रमुख प्रदर्शन संकेतक | पारंपरिक मैनुअल प्रक्रिया | एजेंटिक ढांचा |
|---|---|---|
| ट्रायेज सटीकता | लगभग 95-100% (मैनुअल) | 94% से अधिक (एआई सत्यापित) |
| औसत समाधान समय | दिन/सप्ताह | मिनटों में (सामान्य) / 24 घंटे से कम (जटिल) |
| स्वचालित समाधान दर | नहीं | उच्च (ज़ीरो-टच) |
| एस्केलेशन दर | अधिक | उल्लेखनीय रूप से कम |
| एसएलए अनुपालन | प्रतिक्रियात्मक | सक्रिय एवं स्वचालित |
चित्र 8.1: प्रदर्शन प्रभाव और मेट्रिक्स
आगे की दिशा
यह ढांचा पूर्वानुमान आधारित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का प्रतिनिधित्व करता है। नियमित ट्रायेजिंग प्रक्रियाओं को मानवीय प्रशासनिक भार से अलग कर राज्य सरकार अब उच्च-मूल्य नागरिक सेवाओं और हस्तक्षेपों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकती है।
चित्र 8.3: शिकायत प्रबंधन ढांचा
यह मॉड्यूलर और एन8एन-आधारित संरचना तीव्र क्षैतिज विस्तार के लिए तैयार की गई है और भारत के सभी राज्य स्तरीय डिजिटल पोर्टलों पर बुद्धिमान शिकायत प्रबंधन के लिए एक प्रभावी मॉडल प्रस्तुत करती है।
द्वारा संपादित: निस्सी जॉर्ज
लेखक / योगदानकर्ता

प्रांजल बेजबरुआह उप महानिदेशक एवं एसआईओ bezbaruah[at]nic[dot]in

राहुल डेका वैज्ञानिक-डी r.deka[at]nic[dot]in
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राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी
एनआईसी हिमाचल प्रदेश राज्य केंद्र, छठी मंज़िल,
आर्म्सडेल्स भवन
एचपी सचिवालय, शिमला – 171002