मिनी-यू, एनआईसी, एमपी द्वारा विकसित एक सुरक्षित एवं सरकार द्वारा अनुमोदित यूआरएल संक्षिप्तीकरण सेवा है, जिसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर ई-शासन संचार को सुदृढ़ बनाना है। यह सेवा लंबे आधिकारिक सरकारी यूआरएल को संक्षिप्त, साझा करने में सरल लिंक में परिवर्तित करती है, जिससे एसएमएस लागत में कमी आती है, संदेशों की पठनीयता बढ़ती है तथा गतिशील और स्कैनर-अनुकूल क्यूआर कोड का प्रभावी उपयोग संभव होता है। सुरक्षित प्रमाणीकरण के लिए जनपरिचय के साथ एकीकृत तथा निर्बाध प्रणाली एकीकरण हेतु रेस्ट एपीआई प्रदान करते हुए, मिनी- यू नागरिकों के साथ व्यापक स्तर पर संचार करने वाले सरकारी पोर्टलों और अनुप्रयोगों के लिए एक विश्वसनीय, किफायती और विस्तारक्षम समाधान उपलब्ध कराता है।
बड़े पैमाने पर संचालित ई-शासन अनुप्रयोग नियमित रूप से नागरिकों एवं व्यवसायों तक एसएमएस के माध्यम से सूचनाओं का प्रसार करते हैं। इनमें आवेदन की स्थिति से संबंधित अद्यतन, सेवा सूचनाएँ, परामर्श संदेश तथा सार्वजनिक घोषणाएँ शामिल होती हैं। इन एसएमएस संदेशों में प्रायः यूआरएल सम्मिलित होते हैं, जिनके माध्यम से प्राप्तकर्ता विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित सरकारी पोर्टलों तक पहुँचते हैं।
हालाँकि, लंबे यूआरएल संदेश की लंबाई बढ़ा देते हैं, जिससे एसएमएस लागत में वृद्धि होती है, संदेश की पठनीयता घटती है तथा मुद्रित सामग्री में उपयोग किए जाने पर अधिक घने क्यूआर कोड उत्पन्न होते हैं।
इन चुनौतियों के समाधान हेतु मिनी-यू एक सुरक्षित, सरकार- स्वामित्व वाली यूआरएल संक्षिप्तीकरण सेवा है, जिसे एनआईसी, एमपी द्वारा विकसित किया गया है। यह सेवा लंबे आधिकारिक सरकारी यूआरएल को संक्षिप्त एवं साझा करने में सरल लिंक में परिवर्तित करती है, साथ ही विश्वास, सुरक्षा एवं केंद्रीकृत प्रशासन सुनिश्चित करती है।
मिनी-यू वर्तमान में पूर्णतः परिचालित है तथा इसे अनेक सरकारी पोर्टलों में सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है।
डिजिटल शासन में मिनी-यू का महत्व
सरकारी विभाग प्रति वर्ष लाखों एसएमएस संदेश नागरिकों को प्रेषित करते हैं। चूँकि एसएमएस शुल्क निर्धारण सीधे संदेश में प्रयुक्त वर्णों की संख्या पर आधारित होता है, इसलिए संदेश की लंबाई में किया गया छोटा सा भी सुधार सार्वजनिक व्यय में उल्लेखनीय एवं निरंतर बचत सुनिश्चित कर सकता है।
मिनी-यू इस प्रणालीगत अक्षमता का समाधान निम्नलिखित सुविधाएँ प्रदान करके करता है:
- बड़े पैमाने पर लागत का अनुकूलन
- नागरिकों के लिए बेहतर उपयोग अनुभव
- सुरक्षित एवं मानकीकृत यूआरएल संक्षिप्तीकरण
- क्यूआर-आधारित सूचना वितरण के लिए बेहतर समर्थन
यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि एक केंद्रीकृत और सुव्यवस्थित डिजिटल उपयोगिता किस प्रकार शासन प्रणालियों में व्यापक एवं प्रभावशाली परिवर्तन ला सकती है।
उद्देश्य
मिनी-यू के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- सरकारी अनुप्रयोगों के लिए एसएमएस लागत में कमी करना
- संदेशों की स्पष्टता एवं पठनीयता में सुधार करना
- गतिशील, टिकाऊ एवं स्कैनर-अनुकूल क्यूआर कोड के उपयोग को सक्षम बनाना
- सार्वजनिक यूआरएल संक्षिप्तीकरण सेवाओं के स्थान पर एक विश्वसनीय एवं सुरक्षित विकल्प उपलब्ध कराना
- यह सुनिश्चित करना कि सभी संक्षिप्त किए गए यूआरएल केवल प्रमाणित सरकारी डोमेन से ही संबंधित हों
प्रामाणिकता एवं सुरक्षा बनाए रखने हेतु, मिनी-यू केवल निम्नलिखित सरकारी डोमेनों के यूआरएल का ही संक्षिप्तीकरण समर्थित करता है:
- .gov.in
- .sansad.in
- .nic.in
मिनी-यू की उपयोगिता
1. एसएमएस संचार में लागत की बचत
सरकारी एसएमएस गेटवे संदेश की लंबाई के आधार पर शुल्क लेते हैं। लंबे यूआरएल प्रायः संदेश को एक से अधिक एसएमएस इकाइयों में विभाजित कर देते हैं, जिससे लागत कई गुना बढ़ जाती है।
मिनी-यू द्वारा लंबे यूआरएल को संक्षिप्त लिंक से प्रतिस्थापित करने पर अनेक मामलों में दो एसएमएस इकाइयों वाला संदेश एक ही एसएमएस इकाई में सीमित किया जा सकता है।
उदाहरण: एसएमएस अनुकूलन
मूल एसएमएस
(214 वर्ण → 2 एसएमएस इकाइयाँ)
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 31 दिसंबर 2023 को प्रसारित मन की बात के 108वें एपिसोड को सुनने हेतु देखें: https://www.mygov.in/talk/tune-108th-episode-mann- ki-baat-prime-minister-narendra-modi-31st-december- 2023/-MyGov
मिनी-यू संक्षिप्त यूआरएल सहित एसएमएस
(133 वर्ण → 1 एसएमएस इकाई)
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 31 दिसंबर 2023 को प्रसारित मन की बात के 108वें एपिसोड को सुनने हेतु देखें: https://miniu.nic.in/MyGov-mju22jn
नोट: उपर्युक्त लिंक केवल उदाहरण हेतु हैं।
यूआरएल रूपांतरण का उदाहरण
मूल यूआरएल:
https://nicforms.nic.in/enRhYmxlNjg3OGQwYzEzMGJlZTIwMjUwNzE3MzY2
संक्षिप्त यूआरएल:
https://miniu.nic.in/OJRMUx
2. अधिक स्वच्छ एवं विश्वसनीय क्यूआर कोड
क्यूआर कोड का व्यापक रूप से उपयोग बैनर, पंपलेट, सूचना पट्ट, प्रपत्रों एवं सार्वजनिक सूचनाओं में किया जाता है। क्यूआर कोड में समाहित यूआरएल की लंबाई सीधे तौर पर उसकी घनत्वता एवं स्कैन-क्षमता को प्रभावित करती है।
मिनी-यू द्वारा निर्मित संक्षिप्त यूआरएल के कारण कम घनत्व वाले (स्पार्स) क्यूआर कोड तैयार होते हैं, जो अधिक आसानी से स्कैन किए जा सकते हैं तथा अधिक टिकाऊ होते हैं।
स्थिर एवं गतिशील क्यूआर कोड
- स्थिर क्यूआर कोड: एक बार मुद्रित होने के पश्चात इसके गंतव्य यूआरएल में परिवर्तन संभव नहीं होता
- गतिशील क्यूआर कोड (मिनी-यू के माध्यम से): मुद्रित क्यूआर कोड को बदले बिना इसके गंतव्य यूआरएल को अद्यतन किया जा सकता है
- क्यूआर कोड के लिए मिनी-यू के लाभ
- एक ही मुद्रित क्यूआर कोड के माध्यम से समय-समय पर अद्यतन सामग्री उपलब्ध कराई जा सकती है
- कम घनत्व वाले क्यूआर कोड से स्कैन सफलता दर में वृद्धि
- उच्च-गुणवत्ता वाले प्रिंटर की आवश्यकता नहीं
- धुंधले, मुड़े हुए अथवा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने पर भी बेहतर पठनीयता
- बाहरी वातावरण तथा बड़े पैमाने पर मुद्रित सामग्री के लिए उपयुक्त
सुरक्षा एवं विश्वास ढाँचा
वाणिज्यिक यूआरएल संक्षिप्तीकरण सेवाओं के विपरीत, मिनी-यू को विशेष रूप से सरकारी उपयोग के लिए अभिकल्पित किया गया है। इसका निर्माण इस प्रकार किया गया है कि यह आधिकारिक संचार में सुरक्षा, विश्वसनीयता एवं शासनात्मक नियंत्रण सुनिश्चित कर सके।
मिनी-यू के प्रमुख सुरक्षा एवं प्रशासनिक गुण
- यूआरएल संक्षिप्तीकरण की सुविधा केवल प्रमाणित सरकारी डोमेनों तक सीमित
- राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा केंद्रीकृत स्वामित्व एवं प्रबंधन
- दुर्भावनापूर्ण पुनर्निर्देशन एवं फिशिंग से सुरक्षा
- एपीआई कुंजियों का नियंत्रित एवं स्वीकृत निर्गमन
- सभी एकीकरणों के लिए लेखापरीक्षणीयता एवं जवाबदेही
यह व्यवस्था नागरिकों का विश्वास सुदृढ़ करती है तथा सरकारी संचार माध्यमों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
सामान्य उपयोग परिदृश्य
मिनी-यू का प्रभावी उपयोग विभिन्न शासनात्मक परिदृश्यों में किया जा सकता है, जिनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित शामिल हैं:
- आवेदन की स्थिति से संबंधित संदेश (प्रमाणपत्र, पेंशन, छात्रवृत्तियाँ)
- निर्वाचन संबंधी सूचनाएँ एवं परामर्श संदेश
- स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन एवं सार्वजनिक सुरक्षा चेतावनियाँ
- अस्पतालों, कार्यालयों, प्रपत्रों एवं सूचना पट्टों पर क्यूआर कोड
- सरकारी अभियानों, होर्डिंगों एवं विज्ञापनों में उपयोग
- डिजिटल प्रपत्रों एवं प्राप्ति स्वीकृतियों में लिंक साझा करना
मिनी-यू की कार्यप्रणाली (उच्च-स्तरीय प्रवाह)
- यूआरएल सबमिशन: कोई सरकारी अनुप्रयोग मिनी-यू को एक लंबा, आधिकारिक यूआरएल भेजता है
- शॉर्ट लिंक निर्माण: मिनी-यू मूल लिंक से जुड़ा हुआ एक सुरक्षित और विशिष्ट शॉर्ट यूआरएल तैयार करता है
- मल्टी-चैनल वितरण: यह शॉर्ट यूआरएल एसएमएस, नोटिफिकेशन, ईमेल और क्यूआर कोड में सम्मिलित किया जाता है
- नागरिकों की पहुँच: नागरिक लिंक पर क्लिक करते हैं या क्यूआर कोड स्कैन करते हैं
- सुरक्षित रीडायरेक्शन: मिनी-यू अनुरोध का सत्यापन करता है और उपयोगकर्ताओं को तुरंत मूल सरकारी पृष्ठ पर रीडायरेक्ट करता है
यह सरल एवं सुरक्षित कार्यप्रणाली मिनी-यू को बड़े पैमाने पर सरकारी संचार के लिए उपयुक्त बनाती है।
प्रौद्योगिकी संरचना (टेक्नोलॉजी स्टैक)
मिनी-यू को आधुनिक, विस्तारक्षम एवं उच्च-प्रदर्शन वाली प्रौद्योगिकियों का उपयोग करते हुए विकसित किया गया है, जिससे यह बड़े पैमाने पर सरकारी उपयोग के लिए उपयुक्त बन सके।
- बैकएंड: डॉट नेट कोर
- फ्रंट एंड: एंगुलर
- डेटाबेस: मायएसक्यूएल
- कैशिंग एवं प्रदर्शन: रेडिस
- प्रमाणीकरण: जनपरिचय (सिंगल साइन-ऑन)
उपयोगकर्ता प्रमाणीकरण व ऑनबोर्डिंग
मिनी-यू केवल अधिकृत उपयोगकर्ताओं एवं आधिकारिक सरकारी पहलों को ही सेवाएँ उपलब्ध कराने हेतु एक सुरक्षित, मानकीकृत एवं सरकार द्वारा अनुमोदित ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया का पालन करता है। प्रमाणीकरण एवं अभिगम नियंत्रण की व्यवस्था जनपरिचय, भारत सरकार के सिंगल साइन-ऑन (एसएसओ) प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जाती है।
चित्र 8.1 व्यवहार में मिनी-यू
व्यक्तिगत सरकारी उपयोगकर्ता
सरकारी संगठनों में कार्यरत व्यक्तिगत अधिकारी एवं कर्मचारी सुरक्षित लॉगिन प्रक्रिया के माध्यम से मिनी-यू पोर्टल का उपयोग कर मैनुअल यूआरएल संक्षिप्तीकरण कर सकते हैं।
प्रमाणीकरण व्यवस्था
- प्रमाणीकरण की सुविधा विशेष रूप से जनपरिचय सिंगल साइन-ऑन (एसएसओ) के माध्यम से प्रदान की जाती है।
- उपयोगकर्ता का जनपरिचय प्लेटफॉर्म पर किसी आधिकारिक सरकारी ईमेल आईडी से पंजीकृत होना अनिवार्य है।
पात्र ईमेल डोमेन
अभिगम केवल प्रमाणित सरकारी ईमेल डोमेनों तक सीमित है, जिनमें शामिल हैं:
- @gov.in
- @nic.in
- @xx.gov.in (राज्य एवं विभागीय डोमेन)
यह व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि मिनी-यू का उपयोग केवल अधिकृत सरकारी कर्मचारियों द्वारा ही किया जाए, जिससे सुरक्षा, जवाबदेही एवं विश्वसनीयता बनी रहे।
सरकारी परियोजनाएँ / पोर्टल
बड़े पैमाने पर, स्वचालित अथवा प्रणाली-स्तरीय उपयोग के लिए मिनी-यू सरकारी परियोजनाओं एवं पोर्टलों को एपीआई-आधारित अभिगम उपलब्ध कराता है। यह सुविधा एक औपचारिक एवं नियंत्रित ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से प्रदान की जाती है, जिससे सुरक्षा एवं प्रशासनिक स्वीकृति सुनिश्चित हो सके।
चित्र 8.3 व्यवहार में मिनी-यू
ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया
- प्रतिनिधि का नामांकन: प्रत्येक परियोजना अथवा पोर्टल द्वारा एक आधिकारिक प्रतिनिधि नामित किया जाता है
- पोर्टल पंजीकरण: नामित प्रतिनिधि जनपरिचय के क्रेडेंशियल का उपयोग करते हुए मिनी-यू पोर्टल पर पंजीकरण करता है
- ऑनबोर्डिंग प्रपत्र का प्रस्तुतीकरण: निर्धारित प्रपत्र में परियोजना का विवरण, प्रस्तावित उपयोग तथा तकनीकी आवश्यकताओं की जानकारी भरी जाती है।
- औपचारिक अनुरोध प्रेषण: पूर्ण रूप से भरे गए प्रपत्र को ईमेल के माध्यम से भेजा जाता है: nicgrc-dev@mp.gov.in
- स्वीकृति एवं अभिगम उपलब्ध कराना: मिनी-यू टीम सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त करती है
स्वीकृति के उपरांत प्रदान की जाने वाली सुविधाएँ:
- सुरक्षित एपीआई अभिगम कुंजियाँ
- विस्तृत एपीआई प्रलेखन
- एकीकरण हेतु दिशानिर्देश एवं उपयोग की शर्तें
ऑनबोर्डिंग पोर्टल:
इस दृष्टिकोण के प्रमुख लाभ
- केवल प्रमाणीकृत सरकारी उपयोगकर्ताओं को ही सेवा का अभिगम
- सुरक्षा, जवाबदेही एवं लेखापरीक्षणीयता सुनिश्चित
- अनधिकृत अथवा दुरुपयोग की संभावना पर नियंत्रण
- व्यक्तिगत उपयोग से लेकर एंटरप्राइज़-स्तरीय एकीकरण तक सहज विस्तार
संक्षेप में, मिनी-यू की ऑनबोर्डिंग रूपरेखा सरकारी उपयोगकर्ताओं के लिए सुगम अभिगम तथा कड़े सुरक्षा नियंत्रणों के बीच संतुलन स्थापित करती है, जिससे यह व्यक्तिगत अधिकारियों एवं मिशन-क्रिटिकल सरकारी पोर्टलों — दोनों के लिए उपयुक्त बनती है।
रेस्ट एपीआई एकीकरण
मिनी-यू सरकारी अनुप्रयोगों के बड़े पैमाने पर एवं स्वचालित उपयोग हेतु रेस्ट एपीआई प्रदान करता है।
एपीआई के लाभ
- उद्योग-मानक रेस्ट संरचना
- एपीआई कुंजियों के माध्यम से सुरक्षित अभिगम
- एसएमएस गेटवे एवं सूचना वितरण प्रणालियों के साथ सहज एकीकरण
- उच्च मात्रा में स्वचालित यूआरएल निर्माण की सुविधा
- कैशिंग के माध्यम से बेहतर प्रदर्शन एवं प्रतिक्रिया समय
मिनी-यू का उपयोग कौन कर सकता है
मिनी-यू को एक साझा राष्ट्रीय डिजिटल उपयोगिता के रूप में अभिकल्पित किया गया है, जिसे नागरिक संचार, सेवा प्रदायगी तथा सार्वजनिक सूचना प्रसार से जुड़े विभिन्न सरकारी हितधारक अपना सकते हैं। इसका दायरा प्रशासनिक स्तरों एवं कार्यात्मक क्षेत्रों में विस्तृत है, जिससे आधिकारिक डिजिटल संचार में एकरूपता, दक्षता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है।
मिनी-यू का उपयोग निम्नलिखित द्वारा किया जा सकता है:
- केंद्रीय मंत्रालय एवं विभाग
- राज्य सरकारें
- जिला प्रशासन
- राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित पोर्टल एवं सेवाएँ
- सरकारी मिशन एवं अभियान
निष्कर्ष
मिनी-यू इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि किस प्रकार छोटी किन्तु सुव्यवस्थित डिजिटल उपयोगिताएँ ई-शासन में व्यापक प्रभाव उत्पन्न कर सकती हैं। संचार लागत में कमी, नागरिक अनुभव में सुधार, टिकाऊ क्यूआर कोड के उपयोग को सक्षम बनाना तथा सुरक्षित यूआरएल प्रबंधन सुनिश्चित करते हुए, मिनी-यू सरकारी डिजिटल सेवाओं की दक्षता, विश्वसनीयता एवं विस्तारक्षमता को सुदृढ़ करता है। बड़े पैमाने पर नागरिकों से संवाद करने वाली किसी भी सरकारी पहल के लिए, मिनी-यू एक सरल किन्तु रणनीतिक रूप से अत्यंत मूल्यवान समाधान है।
द्वारा संपादित: निस्सी जॉर्ज
लेखक / योगदानकर्ता

सुषमा मिश्रा वरिष्ठ तकनीकी निदेशक mishra.sushma[at]nic.in
अम्बुज आर. जैन वैज्ञानिक - डी jain.ambuj[at]nic.in
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें
राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान मध्य प्रदेश राज्य केंद्र
‘सी’ एवं ‘डी’ विंग, प्रथम तल, सतपुड़ा भवन
भोपाल, मध्य प्रदेश – 462004