श्रीवी.टी.वी. रमणा ने 8 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के 19वें महानिदेशक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है। साइबर सुरक्षा, डिजिटल अवसंरचना तथा ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में उनके व्यापक अनुभव ऐसे समय में विशेष महत्व रखते हैं, जब सुरक्षित एवं सुदृढ़ डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना शासन व्यवस्था का एक केंद्रीय आधार बनती जा रही है।
कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व, श्री रमणा एनआईसी मुख्यालय में मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी के रूप में कार्यरत थे, जहाँ उन्होंने भारत सरकार की अनेक महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा एवं सूचना सुरक्षा पहलों का नेतृत्व किया। इस दायित्व के अंतर्गत उन्होंने कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, नेटवर्क ऑपरेशंस सेंटर, एनकेएन/डीआईआई पीएमयू, डेटा सेंटर ऑडिट, एप्लिकेशन सिक्योरिटी ऑडिट तथा एनआईसी सर्विस डेस्क सहित अनेक प्रमुख परिचालन एवं अवसंरचना प्रभागों का समन्वयन किया, जिससे सरकारी डिजिटल प्रणालियों की विश्वसनीयता एवं सुरक्षा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान मिला।
विभागाध्यक्ष (हेड ऑफ ग्रुप) के रूप में श्री रमणा ने साइबर एवं सूचना सुरक्षा गवर्नेंस, एनालिटिक्स, मैनेजमेंट तथा सिस्टम्स से संबंधित रणनीतिक प्रभागों का भी नेतृत्व किया। उन्होंने परिचय, जनपरिचय तथा गव-ड्राइव जैसे राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म एवं पहलों के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो सरकारी संस्थानों के लिए सुरक्षित डिजिटल पहचान, प्रमाणीकरण एवं सहयोग सेवाओं को सक्षम बनाते हैं।
उनका नेतृत्व दूरसंचार विभाग तथा डाक विभाग के प्रमुख इंफॉर्मेटिक्स प्रभागों तक भी विस्तृत रहा, साथ ही सुरक्षित ई-सेवा वितरण एवं डिजिटल परिवर्तन से संबंधित पहलों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन दायित्वों के माध्यम से श्री रमणा ने देशभर में साइबर सुरक्षा ढाँचों, डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफ़ॉर्मों तथा सुरक्षित सार्वजनिक डिजिटल अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया।
श्री रमणा ऐसे समय में एनआईसी का नेतृत्व संभाल रहे हैं, जब भारत की डिजिटल शासन यात्रा में साइबर सुरक्षा, अंतर-संचालनीयता, विश्वसनीय डिजिटल प्लेटफ़ॉर्मों तथा बड़े स्तर की सार्वजनिक डिजिटल अवसंरचना पर विशेष बल दिया जा रहा है। सूचना सुरक्षा, राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफ़ॉर्मों तथा प्रौद्योगिकी संचालन के क्षेत्र में उनका व्यापक अनुभव देश में कुशल, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित डिजिटल शासन को सुदृढ़ करने में एनआईसी की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाएगा।