एनआईसी लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लिए केंद्रीय तकनीकी प्राधिकरण एवं डिजिटल रीढ़ के रूप में कार्य करता है। यह यूटी प्रशासन की ई-गवर्नेंस पहलों के लिए सुरक्षित, स्केलेबल और विश्वसनीय आईसीटी अवसंरचना का निर्माण एवं संचालन करता है। एनआईसी लद्दाख द्वारा विभिन्न नागरिक-केंद्रित डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, विभागीय अनुप्रयोग, नेटवर्क सेवाएँ, वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग, ई-ऑफिस, वित्तीय प्रबंधन प्रणालियाँ तथा क्षेत्र-विशिष्ट समाधान विकसित एवं लागू किए गए हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद, एनआईसी लद्दाख पारदर्शी, समयबद्ध और प्रौद्योगिकी-सक्षम शासन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
एनआईसी लद्दाख, लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के लिए केंद्रीय तकनीकी प्राधिकरण एवं डिजिटल रीढ़ के रूप में कार्य करता है, जो शासन से संबंधित मिशन-क्रिटिकल आईसीटी प्रणालियों के डिज़ाइन, परिनियोजन एवं संचालन को सक्षम बनाता है। लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश के रूप में गठन के पश्चात स्थापित यह केंद्र, क्षेत्र की विशिष्ट भौगोलिक, जलवायु एवं प्रशासनिक चुनौतियों के अनुरूप एक सुरक्षित, स्केलेबल एवं सुदृढ़ प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण एवं प्रबंधन के लिए उत्तरदायी है।
एनआईसी लद्दाख राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्मों के कार्यान्वयन, केंद्र शासित प्रदेश-विशिष्ट अनुप्रयोगों के विकास तथा नेटवर्क, डेटा सेवाएँ, सुरक्षित संचार प्रणालियाँ एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाओं सहित मुख्य आईसीटी अवसंरचना के संधारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह केंद्र लेह एवं कारगिल में स्थित सरकारी विभागों को अनुप्रयोग विकास, सिस्टम एकीकरण, साइबर सुरक्षा, डेटा प्रबंधन एवं परिचालन निरंतरता से संबंधित एंड-टू-एंड तकनीकी सहयोग प्रदान करता है।
आधुनिक वेब प्रौद्योगिकियों, वर्कफ़्लो-आधारित प्रणालियों, क्लाउड-सक्षम सेवाओं एवं इंटरऑपरेबल प्लेटफॉर्मों के उपयोग से एनआईसी लद्दाख सरकारी प्रक्रियाओं के स्वचालन, वास्तविक समय सेवा वितरण तथा डेटा-आधारित निर्णय-निर्माण को सक्षम बनाता है। इसकी प्रौद्योगिकी-आधारित कार्यप्रणाली सेवाओं की उच्च उपलब्धता, राष्ट्रीय डिजिटल मानकों के अनुपालन तथा सरकारी एवं नागरिकों के संवेदनशील डेटा की सुरक्षित हैंडलिंग सुनिश्चित करती है।
निरंतर नवाचार एवं आईसीटी अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण के माध्यम से, एनआईसी लद्दाख यूटी लद्दाख के डिजिटल शासन ढाँचे का आधार स्तंभ बनकर दक्षता, पारदर्शिता एवं प्रौद्योगिकी-सक्षम सार्वजनिक सेवा वितरण को सशक्त करता है।
राज्य में आईसीटी पहलें
ओ.बी.पी.ओ.एस
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के स्थापना दिवस 31 अक्टूबर 2025 के अवसर पर माननीय उपराज्यपाल, लद्दाख द्वारा ऑनलाइन भवन अनुमति एवं अधिभोग प्रणाली (ओ.बी.पी.ओ.एस) का शुभारंभ किया गया। यह प्रणाली एनआईसी लद्दाख द्वारा डिज़ाइन एवं विकसित एक एंड-टू-एंड डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसे लेह एवं कारगिल की नगर समितियों में भवन निर्माण अनुमति तथा अधिभोग प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को आधुनिक, मानकीकृत एवं त्वरित बनाने के उद्देश्य से लागू किया गया है।
ओ.बी.पी.ओ.एस एक वर्कफ़्लो-आधारित ई-गवर्नेंस समाधान है, जो मैनुअल एवं काग़ज़-आधारित प्रक्रियाओं को पारदर्शी, जवाबदेह एवं समयबद्ध डिजिटल व्यवस्था से प्रतिस्थापित करता है। यह एकल ऑनलाइन इंटरफ़ेस के माध्यम से नागरिकों, वास्तुविदों, नगर निकाय अधिकारियों तथा स्वीकृति प्राधिकरणों के बीच प्रभावी एवं निर्बाध समन्वय सुनिश्चित करता है।
आवेदन प्रस्तुत करने से लेकर डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र जारी होने तक संपूर्ण स्वीकृति प्रक्रिया के डिजिटलीकरण से प्रसंस्करण समय में उल्लेखनीय कमी आती है, मानवीय हस्तक्षेप न्यूनतम होता है तथा नगर प्रशासन में पारदर्शिता सुदृढ़ होती है।
निर्धारित सेवा समय-सीमाओं एवं प्रचलित नियामक ढाँचे के अनुरूप डिज़ाइन की गई यह प्रणाली रीयल-टाइम आवेदन ट्रैकिंग, स्वचालित सूचनाएँ, सुरक्षित ऑनलाइन शुल्क भुगतान तथा प्रशासनिक निगरानी एवं निर्णय-निर्माण के लिए विश्लेषणात्मक डैशबोर्ड उपलब्ध कराती है। ओ.बी.पी.ओ.एस पूर्वानुमेय एवं समयबद्ध सेवा वितरण को सुदृढ़ करता है तथा नागरिकों और नगर प्राधिकरणों के बीच विश्वास को मज़बूत बनाता है।
चित्र: 3.1 सी.सी.एम.एस प्रक्रिया प्रवाह
मुख्य विशेषताएँ
- एंड-टू-एंड वर्कफ़्लो-आधारित डिजिटल प्रोसेसिंग
- सुरक्षित एवं जवाबदेह अभिगम हेतु भूमिका-आधारित अभिगम नियंत्रण
- उपयोगकर्ता डैशबोर्ड के माध्यम से रीयल-टाइम आवेदन स्थिति की जानकारी
- प्रत्येक चरण पर स्वचालित एसएमएस एवं ई-मेल सूचनाएँ
- सुरक्षित ऑनलाइन शुल्क भुगतान सुविधा
- निगरानी एवं एस्केलेशन तंत्र के साथ समयबद्ध सेवा वितरण
- प्रबंधन डैशबोर्ड एवं एमआईएस आधारित विश्लेषण
- वैधानिक रूप से मान्य डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्रों का निर्गमन
ओ.बी.पी.ओ.एस के माध्यम से एनआईसी लद्दाख ने एक स्केलेबल, सुरक्षित एवं नागरिक-केंद्रित डिजिटल समाधान प्रदान किया है, जिसने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में नगर निकाय ई-सेवाओं के लिए एक प्रभावी और विश्वसनीय मानक स्थापित किया है।
ई-सेवा पोर्टल
ई-सेवा पोर्टल माननीय उपराज्यपाल, लद्दाख द्वारा प्रारंभ किया गया तथा एनआईसी, लद्दाख द्वारा विकसित एक एकीकृत, नागरिक-केंद्रित डिजिटल सेवा वितरण मंच है। इसे एकल डिजिटल द्वार के रूप में परिकल्पित किया गया है, जिसके माध्यम से केंद्र शासित प्रदेश में सरकारी सेवाओं का वितरण पारदर्शी, काग़ज़-रहित एवं समयबद्ध वर्कफ़्लो के माध्यम से सुव्यवस्थित एवं मानकीकृत किया गया है।
ई-सेवा पोर्टल सुरक्षित एवं स्केलेबल प्लेटफॉर्म पर विभिन्न विभागीय सेवाओं को एकीकृत करता है, जिससे भौतिक भ्रमण और मैनुअल प्रक्रियाओं में उल्लेखनीय कमी आती है। इस पोर्टल पर प्रथम सेवा के रूप में लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचई) विभाग की ऑनलाइन जल कनेक्शन सेवा (घरेलू एवं व्यावसायिक) को शामिल किया गया है।
इसके अंतर्गत नागरिक ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं, आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड कर सकते हैं, शुल्क का ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं, आवेदन की स्थिति को रीयल-टाइम में ट्रैक कर सकते हैं तथा डिजिटल स्वीकृति प्राप्त कर सकते हैं। मॉड्यूलर आर्किटेक्चर पर आधारित यह पोर्टल भविष्य में अन्य विभागीय सेवाओं को चरणबद्ध रूप से जोड़ने की सुविधा प्रदान करता है, जिससे दीर्घकालिक स्केलेबिलिटी सुनिश्चित होती है।
निर्धारित वर्कफ़्लो एवं समय-सीमाओं को लागू करके, ई-सेवा पोर्टल पहुँच, जवाबदेही एवं दक्षता को बढ़ाता है तथा शासन को नागरिकों के और निकट लाता है।
मुख्य विशेषताएँ
- सिंगल साइन-ऑन: एक बार पंजीकरण कर नागरिक एक ही उपयोगकर्ता खाते से विभिन्न विभागीय सेवाओं का लाभ उठा सकते है
- एंड-टू-एंड ऑनलाइन प्रोसेसिंग: आवेदन प्रस्तुति, परीक्षण, स्वीकृति एवं सेवा वितरण सहित सेवाओं का संपूर्ण डिजिटल जीवन-चक्र
- सुरक्षित ऑनलाइन शुल्क भुगतान: सुरक्षित एवं सुविधाजनक लेन-देन सुनिश्चित करने हेतु एकीकृत डिजिटल भुगतान तंत्र
- रीयल-टाइम आवेदन ट्रैकिंग: उपयोगकर्ता डैशबोर्ड के माध्यम से प्रत्येक चरण पर आवेदन की स्थिति की जानकारी
- स्वचालित एसएमएस सूचनाएँ: आवेदन की प्रगति, प्रश्नों एवं अंतिम निर्णय की जानकारी हेतु सिस्टम-जनित अलर्ट
- पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवा वितरण: जवाबदेही एवं समय पर सेवा सुनिश्चित करने हेतु वर्कफ़्लो-आधारित प्रोसेसिंग
ई-सेवा पोर्टल केंद्र शासित प्रदेश के लिए एक आधारभूत डिजिटल मंच के रूप में कार्य करता है, जो एकीकृत सेवा वितरण को सक्षम बनाता है, प्रशासनिक दक्षता में सुधार करता है तथा नागरिक-प्रथम, प्रौद्योगिकी-आधारित शासन के प्रति लद्दाख यूटी प्रशासन की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है।
चित्र: 3.3 ई-सेवा सर्विस प्लेटफॉर्म का वर्क फ़्लो
लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में डिजिटल शासन को बदलने में एनआईसी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ई-ऑफिस, वेब पोर्टल और स्मार्ट-पीडीएस, एलआईएफएमएस, ओबीपीएस, एलएसएसएसबी पोर्टल, ई-सेवा, एन.जी.डी.आर.एस, ऑनलाइन सहमति प्रबंधन और निगरानी प्रणाली, वाहन, सारथी, एनआईसी/एनकेएन नेटवर्क कनेक्टिविटी और वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग सेवाओं जैसी ऑनलाइन सेवाओं के कार्यान्वयन में उनके प्रयासों ने सार्वजनिक सेवा वितरण को बेहतर बनाने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई हमारी ई-शासन पहलों की परिचालन दक्षता को बढ़ाया है।
डॉ. पवन कोटवाल, आईएएस
मुख्य सचिव, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाखएल.एस.एस.एस.बी पोर्टल
लद्दाख अधीनस्थ सेवा कर्मचारी चयन बोर्ड (एल.एस.एस.एस.बी) पोर्टल एक समग्र, एंड-टू-एंड डिजिटल भर्ती प्लेटफॉर्म है, जिसे केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में अधीनस्थ सेवाओं की भर्ती प्रक्रिया के संपूर्ण जीवन-चक्र के स्वचालन एवं प्रबंधन हेतु डिज़ाइन एवं विकसित किया गया है। यह पोर्टल एनआईसी लद्दाख द्वारा विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, दक्षता, शुद्धता एवं मानकीकरण सुनिश्चित करना है।
यह प्रणाली मैनुअल एवं विखंडित भर्ती प्रक्रियाओं को पूर्णतः ऑनलाइन, वर्क-फ़्लो आधारित तंत्र से प्रतिस्थापित करती है, जिसमें विज्ञापन जारी करने से लेकर अंतिम परिणाम घोषित करने तक के सभी चरण शामिल हैं। यह अभ्यर्थियों एवं भर्ती प्राधिकरण—दोनों के लिए एक सहज एवं एकीकृत इंटरफ़ेस प्रदान करती है, जिससे प्रशासनिक भार, प्रसंस्करण समय तथा मानवीय त्रुटियों की संभावना में उल्लेखनीय कमी आती है।
अभ्यर्थियों के लिए यह पोर्टल ऑनलाइन पंजीकरण, एक या एकाधिक पदों के लिए आवेदन, दस्तावेज़ अपलोड तथा सुरक्षित ऑनलाइन शुल्क भुगतान की सुविधा प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, यह रोल नंबर एवं परीक्षा केंद्रों का स्वचालित आवंटन, प्रवेश-पत्रों का सृजन एवं डाउनलोड, तथा परिणामों का ऑनलाइन प्रकाशन समर्थित करता है। प्रणाली द्वारा समय-समय पर स्वचालित सूचनाएँ प्रदान की जाती हैं, जिससे संपूर्ण भर्ती चक्र में स्पष्टता एवं पूर्वानुमेयता बनी रहती है।
प्रशासनिक एवं परीक्षा प्रबंधन के दृष्टिकोण से, यह पोर्टल पद सृजन, विज्ञापन प्रकाशन, आवेदनों की ऑनलाइन जांच एवं सत्यापन, रोल नंबर जनरेशन तथा परीक्षा केंद्र आवंटन सहित सभी महत्वपूर्ण आंतरिक प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण करता है। साथ ही, यह परीक्षा दिवस लॉजिस्टिक्स प्रबंधन—जैसे बैठने की योजना (सीटिंग प्लान) का निर्माण एवं केंद्र-वार अभ्यर्थी मैपिंग—का भी समर्थन करता है, जिससे परीक्षाओं का सुचारु एवं सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित होता है।
परीक्षा की निष्पक्षता एवं पहचान सत्यापन को और अधिक सुदृढ़ करने हेतु एल.एस.एस.एस.बी यह मोबाइल ऐप परीक्षा केंद्रों पर निम्नलिखित कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है:
चित्र: 3.2 एल.एस.एस.एस.बी. पोर्टल का मुखपृष्ठ
- आवेदन डेटा के साथ अभ्यर्थी के फोटोग्राफ का सत्यापन
- परीक्षा के दिन अभ्यर्थी का लाइव फोटोग्राफ कैप्चर करना
- परीक्षा उपरांत सत्यापन एवं ऑडिट हेतु सुरक्षित, समय-मुद्रित डिजिटल रिकॉर्ड का सृजन
एल.एस.एस.एस.बी पोर्टल एवं इसका एकीकृत मोबाइल एप्लिकेशन मिलकर एक मजबूत, सुरक्षित एवं स्केलेबल डिजिटल भर्ती पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करते हैं। प्रौद्योगिकी के माध्यम से निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं परिचालन दक्षता सुनिश्चित कर यह प्लेटफॉर्म केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता एवं प्रभावशीलता को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ करता है।
आँकड़े (सांख्यिकीय विवरण)
- पंजीकृत अभ्यर्थी : 15,265
- विज्ञापित पद : 22
- प्राप्त आवेदन : 47,705
- परीक्षा केंद्र : 19
- परीक्षा में सम्मिलित अभ्यर्थी : 4,364
- मोबाइल ऐप द्वारा फोटो सत्यापन : 100%
लद्दाख कर्मचारी स्थानांतरण पोर्टल
लद्दाख कर्मचारी स्थानांतरण पोर्टल एक एकीकृत, वेब-आधारित अनुप्रयोग है, जिसे एनआईसी द्वारा केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के प्रमुख विभागों में कर्मचारियों की आंतरिक स्थानांतरण प्रक्रिया को डिजिटलीकृत एवं सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से डिज़ाइन एवं विकसित किया गया है। यह पोर्टल स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, पीडब्ल्यूडी तथा पीएचई विभाग के लिए लागू किया गया है।
यह प्रणाली मैनुअल एवं काग़ज़-आधारित स्थानांतरण प्रक्रियाओं को पारदर्शी, नियम-आधारित एवं उपयोगकर्ता-अनुकूल डिजिटल वर्क-फ़्लो से प्रतिस्थापित करती है। इसके माध्यम से कर्मचारी ऑनलाइन स्थानांतरण आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं तथा वास्तविक समय में आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं, जिससे पहुँच में सुधार, प्रशासनिक विलंब में कमी एवं विभागों के बीच स्थानांतरण प्रक्रिया में एकरूपता सुनिश्चित होती है।
मुख्य विशेषताएँ
- एकमुश्त कर्मचारी पंजीकरण: स्वास्थ्य कर्मी, चिकित्सक एवं अभियंता एकल प्रोफ़ाइल के माध्यम से पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। विभागीय स्थानांतरण नीतियों के अंतर्गत निर्धारित पात्रता मानदंडों के आधार पर कर्मचारी अंतर-जिला अथवा अंतः- जिला स्थानांतरण हेतु आवेदन कर सकते हैं
- रिक्ति दृश्यता एवं प्राथमिकता चयन: कर्मचारी पदवार एवं स्थानवार उपलब्ध रिक्तियों को देख सकते हैं तथा अधिकतम तीन वांछित स्थानों का चयन कर स्थानांतरण आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं
- पारदर्शी आवेदन ट्रैकिंग: आवेदक ऑनलाइन डैशबोर्ड के माध्यम से प्रत्येक चरण पर अपने स्थानांतरण आवेदन की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते है
- नीति-आधारित प्रशासनिक प्रक्रिया:विभागीय प्रशासकों को सभी प्राप्त स्थानांतरण आवेदनों का समेकित दृश्य उपलब्ध होता है, जिसके आधार पर वे कर्मचारी की प्राथमिकताओं, वर्तमान एवं पूर्व पदस्थापना की अवधि तथा रिक्ति की स्थिति जैसे मानकों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित नीतियों के अनुसार आवेदनों का निपटान कर सकते हैं।
लद्दाख कर्मचारी स्थानांतरण पोर्टल एक निष्पक्ष, डेटा-आधारित एवं पारदर्शी स्थानांतरण तंत्र सुनिश्चित करता है, मैनुअल हस्तक्षेप को न्यूनतम करता है तथा केंद्र शासित प्रदेश के महत्वपूर्ण विभागों में प्रभावी मानव संसाधन प्रबंधन को सुदृढ़ बनाता है।
रेवा पोर्टल
रेवा पोर्टल एक वेब-आधारित अनुप्रयोग है, जिसे एनआईसी द्वारा केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के सामाजिक एवं जनजातीय कल्याण विभाग के लिए डिज़ाइन एवं विकसित किया गया है। यह पोर्टल रेवा (माननीय उपराज्यपाल की पहल) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को समर्थन प्रदान करता है। यह एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य लद्दाख के मेधावी एवं महत्वाकांक्षी विद्यार्थियों को जेईई, नीट, यूजी-क्लैट एवं एनडीए जैसी विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग हेतु ₹1.00 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
रेवा पोर्टल के माध्यम से पात्र विद्यार्थी ऑनलाइन पंजीकरण, आवेदन प्रस्तुति, आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड तथा आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं। पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से मैनुअल कार्यप्रणालियों को समाप्त कर यह प्रणाली निष्पक्ष चयन, कुशल प्रसंस्करण तथा समयबद्ध लाभ वितरण सुनिश्चित करती है। अब तक लद्दाख के 189 विद्यार्थियों को रेवा योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है, जो केंद्र शासित प्रदेश के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक अवसरों तक समान पहुँच को प्रोत्साहित करने में इस पोर्टल की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
चित्र 3.4 : रेवा पोर्टल का मुखपृष्ठ
वरिष्ठ नागरिक कार्ड पोर्टल
वरिष्ठ नागरिक कार्ड पोर्टल एक समर्पित डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है, जिसे एनआईसी द्वारा सामाजिक कल्याण विभाग, लद्दाख के लिए विकसित एवं कार्यान्वित किया गया है। इस पोर्टल का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश के पात्र वरिष्ठ नागरिकों के लिए वरिष्ठ नागरिक कार्ड के ऑनलाइन पंजीकरण एवं निर्गमन की सुविधा प्रदान करना है। यह पोर्टल वरिष्ठ नागरिकों को सरल, सुलभ एवं काग़ज़-रहित माध्यम से पहचान पत्र हेतु आवेदन करने तथा उसे प्राप्त करने की सुविधा देता है, जिससे बार-बार सरकारी कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं रहती।
मुख्य विशेषताएँ
- नागरिक-अनुकूल इंटरफ़ेस: वरिष्ठ नागरिकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन की गई सरल एवं सहज पंजीकरण प्रक्रिया, जिससे दूरस्थ रूप से सेवाओं तक पहुँच संभव हो पाती है
- पात्रता एवं दस्तावेज़ सत्यापन: आवेदक की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होना अनिवार्य है तथा उसके पास वैध लद्दाख निवासी प्रमाण-पत्र होना चाहिए। आवश्यक दस्तावेज़ों में आयु प्रमाण (जैसे जन्म प्रमाण-पत्र या मतदाता पहचान पत्र), पता प्रमाण (जैसे आधार कार्ड) एवं नवीनतम फोटोग्राफ शामिल हैं
- डिजिटल एवं भौतिक कार्ड निर्गमन: स्वीकृत आवेदक जिला सामाजिक कल्याण कार्यालयों अथवा निर्धारित शिविरों के माध्यम से भौतिक कार्ड प्राप्त कर सकते हैं, जबकि डिजिटल हस्ताक्षरित कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड के लिए भी उपलब्ध कराए जाते हैं
रेवा पोर्टल एवं वरिष्ठ नागरिक कार्ड पोर्टल, दोनों मिलकर प्रौद्योगिकी-आधारित समाधानों के माध्यम से लद्दाख में कल्याणकारी सेवाओं के वितरण को अधिक पारदर्शी, समावेशी एवं सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
चित्र 3.5 : लद्दाख वरिष्ठ नागरिक कार्ड का शुभारंभ किया
गया
ई-ऑफिस लद्दाख
ई-ऑफिस प्रणाली को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जिससे मैनुअल एवं काग़ज़-आधारित फ़ाइल निस्तारण प्रणाली से पूर्णतः डिजिटल एवं स्वचालित कार्यालय वर्क-फ़्लो की ओर एक महत्वपूर्ण परिवर्तन संभव हुआ है। इस पहल का उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली में दक्षता, पारदर्शिता, जवाबदेही तथा अंतर-विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करना है।
ई-ऑफिस का कार्यान्वयन यूटी सचिवालय, जिला कार्यालयों, उप-मंडलों एवं ब्लॉक-स्तरीय कार्यालयों तक विस्तारित किया गया है, जिससे विभागों के बीच इलेक्ट्रॉनिक फ़ाइलों की निर्बाध आवाजाही, त्वरित निर्णय-निर्माण एवं सुव्यवस्थित अभिलेख प्रबंधन सुनिश्चित हुआ है। यह प्रणाली सूचना प्रौद्योगिकी विभाग तथा एनआईसी के बीच घनिष्ठ समन्वय से लागू की गई है।
कार्यान्वयन की प्रमुख उपलब्धियाँ
- ऑनबोर्ड किए गए विभाग/कार्यालयों की संख्या: 50
- कुल ई-ऑफिस उपयोगकर्ता: 1,862
- सृजित ई-फ़ाइलों की कुल संख्या: 36,992
ई-ऑफिस को अपनाने से फ़ाइल प्रसंस्करण समय में उल्लेखनीय कमी आई है, दस्तावेज़ों की भौतिक आवाजाही न्यूनतम हुई है, निर्णयों की ट्रेसेबिलिटी में सुधार हुआ है तथा सुरक्षित डिजिटल अभिलेखों के माध्यम से संस्थागत स्मृति को सुदृढ़ किया गया है।
नेक्स्टजेन ई-हॉस्पिटल
नेक्स्टजेन ई-हॉस्पिटल स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (एच.एम.आई.एस.) को डिजिटल इंडिया पहल के अंतर्गत केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के सभी 35 अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में लागू किया गया है। इस प्रणाली ने अस्पतालों की प्रमुख कार्यप्रणालियों के डिजिटलीकरण के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के वितरण को रूपांतरित किया है तथा रोगी एवं अस्पताल प्रबंधन के लिए एक एकीकृत डिजिटल मंच उपलब्ध कराया है।
इस प्रणाली के अंतर्गत रोगी पंजीकरण, अपॉइंटमेंट निर्धारण, इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड (ईएमआर) तथा रिपोर्ट प्रबंधन जैसी प्रमुख अस्पताल सेवाओं को पूर्णतः डिजिटलीकृत किया गया है, जिससे सेवा दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और रोगियों के अनुभव को बेहतर बनाया गया है।
उन्नत एकीकरण
- प्रयोगशाला सूचना प्रणाली (एल.आई.एस.): प्रयोगशाला जाँचों के सुचारु प्रबंधन एवं रिपोर्ट निर्माण को सक्षम बनाती है
- स्कैन एंड शेयर मॉड्यूल: निदानात्मक छवियों के सुरक्षित दूरस्थ साझा करने की सुविधा प्रदान करता है, जिससे त्वरित एवं अधिक सटीक चिकित्सीय निर्णय लेने में सहायता मिलती है
यह एकीकृत डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच, पारदर्शिता एवं निरंतरता को सुदृढ़ करता है, जो विशेष रूप से लद्दाख जैसे भौगोलिक रूप से विस्तृत एवं दूरस्थ क्षेत्रों में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
स्मार्ट-पीडीएस
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में प्रौद्योगिकी के माध्यम से आधुनिकीकरण एवं सुधार योजना (SMART-PDS) को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को डिजिटल रूप से सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लागू किया गया है। यह पहल आवश्यक वस्तुओं के वितरण में पारदर्शिता, दक्षता एवं जवाबदेही बढ़ाने हेतु आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करती है।
मैनुअल हस्तक्षेप को कम करते हुए तथा लाभार्थी प्रमाणीकरण एवं लेन-देन प्रक्रियाओं को स्वचालित बनाकर, स्मार्ट-पीडीएस खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं का समयबद्ध, सटीक एवं रिसाव-रहित वितरण सुनिश्चित करता है।
प्रभाव
- आवृत लाभार्थी: लद्दाख के 2.15 लाख से अधिक निवासी
- परिचालन दक्षता में सुधार एवं रीयल-टाइम निगरानी
- नागरिकों के लिए सेवा की विश्वसनीयता एवं विश्वास में वृद्धि
आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल
सूचना का अधिकार (आरटीआई) ऑनलाइन पोर्टल नागरिकों को आरटीआई आवेदन ऑनलाइन प्रस्तुत करने, आवेदन की स्थिति ट्रैक करने तथा इलेक्ट्रॉनिक रूप से सूचना प्राप्त करने हेतु एक डिजिटल मंच प्रदान करता है। यह प्लेटफ़ॉर्म पारदर्शिता को बढ़ावा देता है, काग़ज़ी कार्यवाही को कम करता है तथा लोक प्राधिकरणों द्वारा आरटीआई आवेदनों के निस्तारण को सुव्यवस्थित बनाता है।
माननीय उपराज्यपाल, लद्दाख ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह पोर्टल आरटीआई आवेदनों के प्रबंधन हेतु एक मज़बूत एवं प्रभावी तंत्र प्रदान करता है तथा खुली एवं जवाबदेह शासन व्यवस्था के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मेडलीपर
मेडिको-लीगल परीक्षण एवं पोस्टमॉर्टम रिपोर्टिंग प्रणाली (मेडलीपर) को नए आपराधिक कानूनों के अनुरूप लद्दाख में लागू किया गया है तथा इसे इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आई.सी.जे.एस) के अंतर्गत सीसीटीएनएस के साथ एकीकृत किया गया है। यह प्रणाली अस्पतालों, फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं, पुलिस एवं न्यायपालिका के बीच मेडिको-लीगल एवं पोस्टमॉर्टम जानकारी के निर्बाध डिजिटल आदान-प्रदान को सक्षम बनाती है।
मुख्य विशेषताएँ
- निष्कर्षों का ग्राफिकल एवं चित्रात्मक प्रस्तुतीकरण
- प्रमाणित डिजिटल रिपोर्ट हेतु एकीकृत ई-साइन सुविधा
- आई.सी.जे.एस के विभिन्न स्तंभों के बीच रीयल-टाइम डेटा साझा करना
- मेडिको-लीगल एवं पोस्टमॉर्टम रिपोर्टों का त्वरित प्रस्तुतीकरण
मेडलीपर जाँच प्रक्रियाओं को उल्लेखनीय रूप से तेज़ करता है तथा साथ ही चिकित्सीय दस्तावेज़ों की सटीकता, अखंडता एवं वैधानिक वैधता सुनिश्चित करता है।
ऑनलाइन फायर और रेस्क्यू सेवा एनओसी पोर्टल
ऑनलाइन फायर एनओसी पोर्टल एक वर्क-फ़्लो संचालित, भूमिका-आधारित डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है, जो फायर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) के लिए आवेदन करने और जारी करने हेतु बनाया गया है। यह प्रणाली आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन और भवन योजनाएँ जमा करने की अनुमति देती है, जिससे भौतिक रूप से कार्यालयों में जाने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। स्वचालित वर्क-फ़्लो, निर्धारित समय-सीमाएँ और प्रत्येक चरण पर एसएमएस सूचनाएँ तेज़ प्रसंस्करण, पारदर्शिता और पूर्वानुमेय सेवा वितरण सुनिश्चित करती हैं, जिससे नागरिकों और विभागीय अधिकारियों—दोनों को लाभ होता है।
लद्दाख ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल
केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन, लद्दाख का ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल एंड-टू-एंड डिजिटल टेंडरिंग को सक्षम बनाता है, जिससे बोलीदाता निःशुल्क टेंडर अनुसूची डाउनलोड कर सकते हैं और फिर सुरक्षित एवं पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन बोलियाँ जमा कर सकते हैं।
मुख्य आँकड़े
- ऑनबोर्ड किए गए संगठन: 31
- सरकारी अधिकारी/कर्मचारी: लगभग 500
- पंजीकृत बोलीदाता: 4,695+
- प्रकाशित टेंडर: 39,715
- टेंडरों का संचयी मूल्य: ₹25,64,547.57 लाख
यह पोर्टल केंद्र शासित प्रदेश में सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और दक्षता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाता है।
एन.जी.डी.आर.एस
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में राजस्व और संपत्ति से संबंधित दस्तावेज़ों का पंजीकरण परंपरागत रूप से न्यायिक अधिकारियों द्वारा संभाला जाता था। संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करने और सेवा वितरण में सुधार हेतु, यूटी प्रशासन ने राजस्व विभाग के समग्र प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत एक पृथक पंजीकरण विभाग का गठन किया, जिससे दस्तावेज़ पंजीकरण में न्यायिक और कार्यपालिका कार्यों का पृथक्करण किया गया।
इस परिवर्तन को समर्थन देने के लिए, राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज़ पंजीकरण प्रणाली (एन.जी.डी.आर.एस)—जो एनआईसी, पुणे द्वारा विकसित एक मानकीकृत ई-गवर्नेंस समाधान है—को लद्दाख में लागू किया गया। एन.जी.डी.आर.एस मैनुअल, काग़ज़-आधारित पंजीकरण प्रक्रिया से पूर्णतः डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म की ओर संक्रमण को सक्षम बनाता है, जिससे संपत्ति और राजस्व लेन-देन में पारदर्शिता, दक्षता, सुलभता और नियामकीय अनुपालन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
यह प्रणाली ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुकिंग, दस्तावेज़ पंजीकरण, शुल्क गणना और पंजीकरण प्रक्रियाओं की रीयल-टाइम ट्रैकिंग की सुविधा प्रदान करती है। ई-स्टैम्पिंग प्रणाली के साथ एकीकरण से भौतिक स्टाम्प पेपर का उपयोग समाप्त हो जाता है, जिससे धोखाधड़ी में कमी आती है, राजस्व रिसाव को रोका जाता है और वैधानिक अनुपालन सुनिश्चित होता है।
चित्र 3.6 : डॉ. पवन कोटवाल, मुख्य सचिव, मेडलीपर का उद्घाटन करते
हुए
कार्यान्वयन विवरण
- उप-पंजीयक कार्यालयों की संख्या: 14
- कुल बुक की गई अपॉइंटमेंट्स: 3,981
- पंजीकृत दस्तावेज़: 3,636
- संकलित राजस्व: ₹1,449.97 लाख
एन.जी.डी.आर.एस ने पंजीकरण कार्यालयों के साथ नागरिकों की सहभागिता को सुव्यवस्थित किया है, प्रसंस्करण समय को कम किया है और पूरे केंद्र शासित प्रदेश में संपत्ति पंजीकरण सेवाओं में विश्वास को सुदृढ़ किया है।
एल.आई.एफ.एम.एस
लद्दाख एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (एल.आई.एफ.एम.एस) एक व्यापक, वेब-आधारित वित्तीय अनुप्रयोग है, जिसे यूटी प्रशासन में ऑनलाइन बजटिंग, निधि प्राधिकरण और रीयल-टाइम व्यय निगरानी को समर्थन देने के लिए विकसित किया गया है। यह प्रणाली बजट तैयारी और अनुमोदन से लेकर व्यय की निरंतर निगरानी तक, बजट जीवन-चक्र का एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण सक्षम बनाती है।
एल.आई.एफ.एम.एस वित्त विभाग से प्रशासनिक विभागों तक और आगे विभागाध्यक्षों से आहरण एवं संवितरण अधिकारियों तक ऑनलाइन बजट वितरण को सुव्यवस्थित करती है। रीयल-टाइम वित्तीय दृश्यता प्रदान करके, यह प्रणाली वित्तीय अनुशासन को सुदृढ़ करती है, वित्तीय योजना में सुधार करती है और सार्वजनिक निधि प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ाती है।
लद्दाख ई-गजट
लद्दाख ई-गजट एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है, जिसे एनआईसी द्वारा आधिकारिक सरकारी अधिसूचनाओं, वैधानिक आदेशों, नियमों और कानूनी दस्तावेज़ों के प्रकाशन के लिए विकसित किया गया है। इस प्रणाली को पारंपरिक मुद्रित गजट प्रकाशन के स्थान पर यूटी प्रशासन द्वारा अपनाया गया है।
यह प्लेटफ़ॉर्म गजट अधिसूचनाओं का समयबद्ध प्रसार, सार्वजनिक पहुँच में सुविधा, प्रामाणिकता और स्थायी अभिलेखन सुनिश्चित करता है। ऑनलाइन प्रकाशन और खोजयोग्यता को सक्षम बनाकर, ई-गजट पारदर्शिता बढ़ाता है, प्रकाशन में देरी को कम करता है और खुले शासन का समर्थन करता है।
लोक निवास, लद्दाख वेबसाइट
केंद्र शासित प्रदेश स्थापना दिवस 31 अक्टूबर 2025 के अवसर पर, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के माननीय उपराज्यपाल, कविंदर गुप्ता, द्वारा लोक निवास, लद्दाख की आधिकारिक वेबसाइट का उद्घाटन किया गया। यह वेबसाइट यूटी के सर्वोच्च संवैधानिक कार्यालय में डिजिटल पारदर्शिता और सार्वजनिक सहभागिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का प्रतिनिधित्व करती है।
यह प्लेटफ़ॉर्म एक सुदृढ़ कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) पर निर्मित है और लोक निवास के लिए एक आधुनिक, उत्तरदायी और सुरक्षित डिजिटल उपस्थिति प्रदान करता है, जिससे सूचना का कुशल प्रसार और सामग्री प्रबंधन संभव होता है।
मुख्य विशेषताएँ
- आधुनिक, उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफ़ेस: डेस्कटॉप, टैबलेट और मोबाइल उपकरणों पर निर्बाध पहुँच सुनिश्चित करने वाला स्वच्छ और उत्तरदायी डिज़ाइन
- पूर्णतः प्रबंधित सीएमएस: अधिकृत उपयोगकर्ताओं को बिना तकनीकी विशेषज्ञता के वेबसाइट सामग्री प्रबंधन में सक्षम बनाता है
- डायनेमिक कंटेंट प्रबंधन: वेबसाइट के लगभग सभी अनुभाग—पाठ, चित्र और घोषणाएँ—सीएमएस के माध्यम से वास्तविक समय में जोड़े या संशोधित किए जा सकते हैं
- फोटो गैलरी प्रबंधन: कार्यक्रमों की फोटो गैलरी को सीधे एडमिन पैनल से अपलोड और अद्यतन करने की सुविधा
आईसीटी अवसंरचना
लद्दाख के एक नए केंद्र शासित प्रदेश के रूप में गठन के साथ, एक मज़बूत और स्केलेबल आईसीटी अवसंरचना की स्थापना प्रभावी डिजिटल शासन को सक्षम करने के लिए एक महत्वपूर्ण पूर्वापेक्षा रही है। एनआईसी लद्दाख, यूटी प्रशासन की ई-गवर्नेंस पहलों का समर्थन करने हेतु आईसीटी अवसंरचना का व्यवस्थित रूप से विकास और सुदृढ़ीकरण कर रहा है, जिससे निर्बाध संचार, सुरक्षित डेटा प्रबंधन तथा नागरिकों और सरकारी विभागों को विश्वसनीय डिजिटल सेवा वितरण सुनिश्चित किया जा सके।
एनआईसी / एनकेएन
एनआईसी लद्दाख ने प्रमुख सरकारी कार्यालयों को जोड़ने के लिए एक व्यापक लोकल एरिया नेटवर्क एवं कनेक्टिविटी फ्रेमवर्क स्थापित किया है, जिससे सुरक्षित और कुशल डेटा आदान-प्रदान संभव हो सके। यह नेटवर्क यूटी सचिवालय कार्यालयों, जिला प्रशासनों, लद्दाख विश्वविद्यालय, पुलिस प्रतिष्ठानों तथा अन्य सरकारी संस्थानों तक विस्तारित है, जो अंतर-विभागीय डिजिटल संचार की रीढ़ का निर्माण करता है।
जिला मुख्यालय के माध्यम से, एनआईसी लद्दाख को दो अलग-अलग दूरसंचार सेवा प्रदाताओं से द्वि 1 जीबीपीएस कोर लिंक (2 × 1 जीबीपीएस) उपलब्ध कराए गए हैं। यह ड्यूल-होमिंग आर्किटेक्चर नेटवर्क की लचीलापन क्षमता को बढ़ाता है, उच्च उपलब्धता सुनिश्चित करता है तथा पूरे केंद्र शासित प्रदेश में विश्वसनीय, उच्च-गति और किफायती कनेक्टिविटी प्रदान करता है।
वीसी अवसंरचना
एनआईसी लद्दाख माननीय उपराज्यपाल सचिवालय, यूटी सचिवालय एवं दो जिला केंद्रों में केंद्रीकृत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) सेवाएँ प्रदान करता है। ये सुविधाएँ यूटी प्रशासन, जिला प्राधिकरणों एवं केंद्रीय मंत्रालयों के बीच रीयल-टाइम संवाद को सक्षम बनाती हैं, जिससे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में भौतिक यात्रा की आवश्यकता में उल्लेखनीय कमी आती है।
- कुल आयोजित वीसी सत्र: 4,500+
- कुल प्रतिभागी: 1,60,500+
वीसी अवसंरचना शासन समीक्षाओं, प्रशिक्षणों, अंतर-सरकारी समन्वय तथा सार्वजनिक सहभागिता के लिए एक महत्वपूर्ण सक्षमकर्ता बन गई है।
सरकारी ई-मेल एवं मैसेजिंग सेवाएँ
एनआईसी लद्दाख यूटी प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सुरक्षित, विश्वसनीय तथा नीति-अनुरूप सरकारी ई-मेल एवं मैसेजिंग सेवाएँ प्रदान करता है। वर्तमान में:
- @ladakh.gov.in डोमेन के अंतर्गत 2,500 से अधिक उपयोगकर्ता, तथा
- @police.ladakh.gov.in डोमेन के अंतर्गत 2,400 उपयोगकर्ता सक्रिय हैं।
ये सेवाएँ विभागों के बीच आधिकारिक संचार का समर्थन करती हैं तथा साथ ही डेटा सुरक्षा, प्रामाणिकता एवं सरकारी कार्यों की निरंतरता सुनिश्चित करती हैं।
आईसीटी अवसंरचना के निरंतर विस्तार एवं आधुनिकीकरण के माध्यम से, एनआईसी लद्दाख यूटी केंद्र शासित प्रदेश में कुशल प्रशासन, सुदृढ़ डिजिटल सेवाएँ एवं प्रौद्योगिकी-संचालित शासन को सक्षम बनाने में एक आधारभूत भूमिका निभाता है।
चित्र 3.7 : श्री कविंदर गुप्ता, माननीय उपराज्यपाल, लद्दाख द्वारा
कई ई-गवर्ननेंस सेवाओं का शुभारंभ करते हुए
आयोजित महत्वपूर्ण कार्यक्रम
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के स्थापना दिवस (31 अक्टूबर 2025) के अवसर पर माननीय उपराज्यपाल, लद्दाख श्री कविंदर गुप्ता द्वारा एनआईसी लद्दाख द्वारा विकसित एवं कार्यान्वित प्रमुख ई-गवर्नेंस पहलों की औपचारिक शुरुआत की गई। इनमें लोक निवास, लद्दाख की वेबसाइट, ऑनलाइन भवन अनुमति एवं अधिभोग प्रणाली (ओ.बी.पी.ओ.एस) तथा स्वागतम पोर्टल पर लोक निवास का ऑनबोर्डिंग शामिल था। सामूहिक रूप से, इन पहलों ने पारदर्शिता, जवाबदेही एवं प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम चिह्नित किया, साथ ही नागरिकों की डिजिटल सरकारी सेवाओं तक पहुँच का विस्तार किया।
एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, मेडिको-लीगल परीक्षण एवं पोस्टमार्टम रिपोर्टिंग प्रणाली (मेडलीपर) का उद्घाटन 8 अप्रैल 2025 को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के मुख्य सचिव द्वारा किया गया। मेडलीपर का शुभारंभ स्वास्थ्य एवं न्याय प्रणालियों के डिजिटल एकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतीक रहा, जिसने नए आपराधिक कानूनों तथा इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आई.सी.जे.एस) के अनुरूप सुरक्षित, मानकीकृत एवं समयबद्ध मेडिको-लीगल रिपोर्टिंग को सक्षम बनाया।
एनआईसी लद्दाख ने लेह में आयोजित खेलो इंडिया विंटर गेम्स के दौरान भी एक महत्वपूर्ण परिचालन भूमिका निभाई, जहाँ इसे आईसीटी एवं गेम्स मैनेजमेंट सिस्टम (जीएमएस) के लिए नामित कार्यात्मक क्षेत्र के रूप में दायित्व सौंपा गया था। एनआईसी लद्दाख ने राष्ट्रीय शीतकालीन खेलों के आयोजन हेतु व्यापक तकनीकी सहयोग एवं समन्वय प्रदान किया, जिससे विश्वसनीय डिजिटल अवसंरचना, प्रणाली की उपलब्धता तथा निर्बाध प्रौद्योगिकी-सक्षम कार्यक्रम प्रबंधन सुनिश्चित हुआ।
चित्र 3.8 : लद्दाख में खेलो इंडिया शीतकालीन खेल
अग्रिम दिशा
एनआईसी लद्दाख एक ऐसे भविष्य की परिकल्पना करता है, जहाँ उभरती एवं परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकियाँ अधिक स्मार्ट, उत्तरदायी एवं समावेशी शासन की आधारशिला बनें। रणनीतिक रूप से, नागरिक-केंद्रित डिजिटल प्लेटफॉर्मों के विस्तार, रीयल-टाइम सेवा वितरण को सक्षम बनाने तथा सहज एवं सुलभ अनुप्रयोगों के माध्यम से उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। संवेदनशील सरकारी एवं नागरिक डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु साइबर सुरक्षा ढाँचों को सुदृढ़ करना एक प्रमुख प्राथमिकता बना हुआ है।
डिजिटल समावेशन पर विशेष बल दिया जा रहा है, ताकि लद्दाख के दूरस्थ एवं भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक भी विश्वसनीय, सुरक्षित एवं उपयोग में सरल डिजिटल इंटरफ़ेस के माध्यम से सरकारी सेवाओं तक पहुँच प्राप्त कर सकें। क्षमता निर्माण, प्रणाली की स्केलेबिलिटी तथा विभिन्न प्लेटफॉर्मों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी भविष्य की पहलों का मार्गदर्शन करती रहेंगी।
मजबूत आईसीटी अवसंरचना एवं सिद्ध ई-गवर्नेंस समाधानों की सुदृढ़ नींव के साथ, एनआईसी लद्दाख स्केलेबल, सुरक्षित एवं नागरिक-केंद्रित डिजिटल प्रणालियाँ प्रदान करने के लिए पूर्णतः सक्षम है। यह केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन को डिजिटल शासन, पारदर्शिता एवं सतत विकास के क्षेत्र में लद्दाख को एक मानक के रूप में स्थापित करने में निरंतर सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
द्वारा संपादित: विनोद कुमार गर्ग
लेखक / योगदानकर्ता

सुनील कौल वरिष्ठ तकनीकी निदेशक व एसआईओ sunil.koul[at]nic.in

पुंचोक पाल्दन वरिष्ठ तकनीकी निदेशक व एसआईओ punchok.paldan[at]nic.in
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें
राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी
एनआईसी लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश केंद्र
द्वितीय तल, यूटी सचिवालय
लेह, लद्दाख – 194101